शीतकालीन राजधानी जम्मू में दरबार खुलने के पहले ही दिन सियासत गर्मा गई। रियासत में विपक्षी दल कांग्रेस ने पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार पर हर क्षेत्र में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए सचिवालय घेराव किया।
सचिवालय घेराव में पार्टी के विभिन्न संगठनों के नेताओं, कार्यकर्ताओं के हिस्सा लिया। साथ ही कांग्रेस हाल ही प्रधानमंत्री मोदी के 80 हजार करोड़ के पैकेज को बाढ़ पीड़ितों के साथ धोखा करार दिया है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बाढ़ पीड़ितो के पुर्नवास के केंद्र सरकार से 44 हजार करोड़ रुपए की मांग की गई थी। लेकिन केंद्र सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए केवल 8 हजार करोड़ रुपए ही दिए।
साथ कांग्रेस ने सरकार पर बार्डर पर गोलीबारी के शिकार हो रहे लोगों की लगातार अनदेखी पर भी जमकर हमला बोला।
कांग्रेस के नेता गुलाम मीर ने कहा कि मोदी के पैकेज में बार्डर पर पाकिस्तान की गोलियों के शिकार हो रहे लोगों के लिए एक भी पैसे की घोषणा नहीं की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रियासत के लिए एलान किए गए वित्तीय पैकेज में युवाओं की अनदेखी पर भी नाराजगी जताई। सरकार ने जो वादे युवाओं और रियासत की जनता से किए थे उसे वह पूरा नहीं कर पाई।