कांग्रेस द्वारा जम्मू कश्मीर में अकेले विधानसभा चुनाव लड़ने के फैसले से पार्टी के कश्मीर कैडर में खुशी की लहर है। कई दिनों से कांग्रेस और नेकां के बीच गठबंधन को लेकर चल रही सशंय की स्थिति रविवार को साफ हो गई।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कश्मीर इकाई के सीनियर नेताओं ने कहा कि इस फैसले से राज्य में सांप्रदायिक और क्षेत्रीय सियासी दलों के बीच गठजोड़ को बेनकाब और खत्म करने में मदद मिलेगी।
प्रदेश कांग्रेस की मीडिया कमेटी के चेयरमैन फारूक रेंजू शाह ने अमर उजाला को बताया कि पार्टी हाईकमान के अपने दम पर विधानसभा चुनाव लड़ने के फैसले का सकारात्मक असर पड़ेगा। इसमें कोई दो राय नहीं कि जम्मू कश्मीर में कांग्रेस अगली सरकार बनाएगी।