कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस में हुई धक्का-मुक्की।
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जम्मू। प्रदेश कांग्रेस की जम्मू इकाई ने जम्मू-कश्मीर के लिए अधिसूचित किए नए भूमि कानून के खिलाफ शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने कहा कि केंद्र सरकार को जमीन और नौकरियां छीन कर जम्मू-कश्मीर के शांतिप्रिय नागरिकों के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री रमन भल्ला ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि और देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर इंदिरा चौक पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
नए भूमि कानून और कृषि सुधार कानून के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सचिवालय तक मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस कर्मियों ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस कर्मियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की भी हुई।
प्रदर्शन के दौरान भल्ला ने आरोप लगाया कि हाल ही में संशोधित किया गया जम्मू-कश्मीर भूमि कानून जनविरोधी, गरीब विरोधी और जम्मू विरोधी हैं। केंद्र सरकार को इन कानूनों को लाने से पहले प्रदेश की राजनीतिक पार्टियों और स्टेक होल्डर से सलाह मशविरा करना चाहिए था। मगर केंद्र ने तानाशाही करते हुए इन्हें जम्मू-कश्मीर पर थोप दिया। संशोधनों को तत्काल रद्द करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि ये नए कानून भेदभावपूर्ण हैं। सरकार को जम्मू-कश्मीर के शांतिप्रिय नागरिकों के धैर्य की परीक्षा उनकी जमीन और नौकरियां छीनकर नहीं लेनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र के नए कृषि कानूनों को लेकर भी केंद्र्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि किसानों के समग्र आर्थिक हितों के खिलाफ इन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने कमर कस ली है। 36वीं पुण्यतिथि पर इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गरीबों, दलितों के उत्थान और राष्ट्र के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के लिए उन्हें हमेशा ही जननेता के रुप में याद किया जाएगा।
जम्मू के इंदिरा चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सचिवालय की ओर मार्च निकालने से रोकते पुलिस कर्म?- फोटो : SHRINAGAR