जम्मू सूबे के लिए मंजूर किए गए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) को कश्मीर संभाग में शिफ्ट करने के फैसले पर कांग्रेस भड़क गई।
पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहर में विरोध जुलूस निकाला। राज्य की गठबंधन सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आंदोलन की चेतावनी जारी कर दी।
वहीं, जिला सचिवालय में डीसी कार्यालय के ठीक बाहर एकत्रित प्रदर्शनकारियाें ने सरकार विरोधी नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने एडीसी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा।
प्रदर्शनकारियों में शामिल पार्टी के जिला अध्यक्ष एडवोकेट सुभाष गुप्ता सहित अन्य नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने बजट के दौरान जम्मू के लिए एम्स की घोषणा की थी।
बाकायदा पीएमओ में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू संभाग के लिए मंजूर किए गए एम्स को न्यायसंगत करार दिया था। लेकिन इसके ठीक उलट अब एम्स को जम्मू के बजाए कश्मीर संभाग में शिफ्ट करने का फैसला लिया जा रहा है।
एडवोकेट सुभाष गुप्ता के अलावा पूर्व बिजली मंत्री बाबू सिंह, पूर्व सहकारिता मंत्री डॉ. मनोहर लाल शर्मा, पार्टी के कार्यकारी जिला अध्यक्ष पंकज डोगरा और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य नरेश शर्मा ने केंद्र और राज्य सरकार के इस फैसले को आपत्तिजनक करार दिया।
कांग्रेसी नेताओं ने कहा कि जम्मू संभाग सड़क हादसों के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। इसके अलावा श्री माता वैष्णो देवी दर्शनार्थियों की सालाना संख्या एक करोड़ से अधिक रहती है।
ऐसे में एम्स को जम्मू में स्थापित किया जाना चाहिए। इस मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि साझा सरकार जम्मू के लोगों से किए वादे नहीं पूरा कर रही है। इस जवाब सड़क पर उतर कर दिया जाएगा।