कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दांव ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा का खेल बिगाड़ दिया है। भाजपा और पीडीपी ने तालमेल कर राज्यसभा की सभी चार सीटें जीतने की योजना बनाई थी लेकिन राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के मैदान में आने से समीकरण बिखर गए हैं।
सोनिया ने आजाद की जीत को हर हाल में सुनिश्चित करने के लिए नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को राजी कर लिया है। अब नेकां आजाद की उम्मीदवारी का समर्थन करेगी। आजाद जम्मू पहुंच चुके हैं। वह बुधवार को नामांकन दाखिल करेंगे। चौथी सीट पर उनकी जीत अब तय मानी जाने लगी है।
दरअसल, उमर और आजाद के रिश्ते ठीक नहीं रहे हैं। उमर ने पहले कहा था कि राज्यसभा सीट के लिए आजाद पीडीपी के मुफ्ती मोहम्मद के पांव भी पकड़ सकते हैं। इस पृष्ठभूमि में आजाद को नेकां का समर्थन लगभग मुश्किल था। लिहाजा, सोनिया ने खुद मोर्चा संभाला।