नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि रियासत के कांग्रेसी नेताओं को खुद फैसले लेने की अनुमति नहीं है। दक्षिण कश्मीर में पत्रकारों से उमर ने कहा कि कांग्रेस गठबंधन के समय उन्होंने देखा कि मामूली फैसले लेने के लिए भी कांग्रेस के नेताओं को दिल्ली में पार्टी नेतृत्व से बात करनी पड़ती थी।
उन्होंने कहा कि नेकां के सांसदों को जम्मू-कश्मीर के लोगों की आवाज का प्रतिनिधित्व करना होगा। उमर ने कहा कि लोगों को मतदान हरहाल में करना चाहिए। इसका बहिष्कार केवल भाजपा और आरएसएस की मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि चुनाव आयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की अनदेखी कर रहा है।