पुलवामा हमले के बाद श्रीनगर हाईवे पर लगाई गई पाबंदियों पर सरकार ने छूट देने का फैसला किया है। अब 22 अप्रैल से श्रीनगर से बारामूला के बीच केवल एक ही दिन रविवार को नागरिक यातायात पर प्रतिबंध रहेगा। बुधवार को आम यातायात पर किसी प्रकार की रोक नहीं होगी। श्रीनगर से उधमपुर के बीच प्रतिबंध यथावत रहेगा। राज्य सरकार ने सुरक्षा बलों की कॉनवॉय के सुरक्षित मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए 31 मई तक सप्ताह में दो दिन रविवार व बुधवार को सुबह चार से शाम पांच बजे तक बारामूला से उधमपुर तक आम यातायात प्रतिबंधित कर दिया था। हालांकि, यह एक सप्ताह में कुल समय का 15 प्रतिशत था।
11 अप्रैल को जम्मू व बारामूला तथा 18 अप्रैल को श्रीनगर व उधमपुर संसदीय सीट के चुनाव के बाद सरकार ने शनिवार को सुरक्षा बलों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंधों की उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा की। इसमें कहा गया कि प्रतिबंध सुरक्षा बलों की सुरक्षा के व्यापक हितों को देखते हुए लगाया गया है। अपील की गई कि सुचारू यातायात को बहाल रखने में आम नागरिक सहायता करें। सरकार लोगों की आवश्यकताओं तथा प्रतिबंध के चलते उन्हें हो रही परेशानियों से भली भांति परिचित है। आने वाले दिनों में सुरक्षा की समीक्षा कर यातायात व्यवस्था में और ढील दी जाएगी।
यह हैं फैसले
- 22 अप्रैल से श्रीनगर से बारामूला के बीच केवल रविवार को प्रतिबंध रहेगा। बुधवार को नागरिक यातायात पर किसी प्रकार की पाबंदी नहीं होगी।
- श्रीनगर से उधमपुर के बीच प्रतिबंध पहले की तरह रहेगा। इसकी समीक्षा कर आवश्यकतानुसार छूट दी जाएगी।
- श्रीनगर-बारामूला तथा श्रीनगर से उधमपुर के बीच प्रतिबंध के दिनों में भी स्थानीय प्रशासन की ओर से नागरिक यातायात को सुचारू बनाने के लिए सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। स्थानीय प्रशासन इन संभावनाओं की तलाश करेगा कि कॉनवॉय वाले दिनों में एसआरटीसी के वाहनों को चलने की अनुमति दी जा सकती है अथवा नहीं।
- छह मई को अंतिम चरण के मतदान की समाप्ति के बाद हाईवे पर प्रतिबंध को जारी रखने की समीक्षा की जाएगी।
प्रतिबंध के दौरान ट्रेवल पास भी
प्रतिबंध की अवधि के दौरान जनता के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं की गई थीं। इसमें मेडिकल इमरजेंसी, स्कूल बसों, परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों, ड्यूटी पर जाने वाले सरकारी मुलाजिमों, अस्पताल के कर्मचारियों, हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों, राजनीतिक व्यक्तियों को चुनाव प्रचार के लिए ट्रेवल पास की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही 100 मजिस्ट्रेट की भी हाईवे पर तैनाती की गई थी ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। सरकार तात्कालिक रूप से सुरक्षा बलों की जरूरतों तथा आम नागरिकों को होने वाली दिक्कतों पर भी नजर रख रही है। इस वजह से सरकार ने 17 अप्रैल को कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया था, क्योंकि कॉनवॉय की मूवमेंट नहीं थी।