कांग्रेस वरिष्ट नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि 26 जनवरी से कांग्रेस पार्टी ने देश स्तर पर हाथ से हाथ जोड़ो अभियान की भी शुरुआत की है। इसमें 26 अप्रैल तक पार्टी कार्यकर्ता सभी जिलों में घर घर तक नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ तैयार की गई चार्जशीट और विफलताओं को पहुंचाएंगे। यह पार्टी का सबसे बड़ा व्यापक स्तर पर आउटरीच कार्यक्रम चलाया जा रहा है। भारत जोड़ो यात्रा में सियासी बातें नहीं की जा रही है। लेकिन देश में अघोषित इमरजेंसी है। संसद को नजरअंदाज किया जा रहा है कोई बहस नहीं की जाती।
साथ ही उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कई राजनीतिक मुद्दे हैं, लेकिन हम यात्रा के दौरान उन मुद्दों पर चर्चा नहीं करेंगे। यह यात्रा मोदी सरकार की नीयत और नीतियों के कारण देश के सामने खतरों को उजागर कर रही है। केंद्र ने 5 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त कर दिया।
उन्होंने कहा कि चीन के खतरे पर ढाई साल में कोई चर्चा नहीं की गई। संविधान को नजरअंदाज करते हुए संवैधानिक संस्थाएं कमजोर की जा रही है। न्यायालय को कमजोर किया जा रहा है। इन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय का एक अंग बनाने की कोशिश की जा रही है। भारत टूट रहा है, कई खतरे हैं। अग अब कार्रवाई नहीं करेंगे तो हमारे लिए और भी खतरा पैदा हो जाएगा। हम राजनीतिक तानाशाही के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। हम विचारधारा के साथ मुकाबला कर रहे हैं।
एक घंटे तक रुके लेकिन कोई पुलिस टीम नहीं पहुंची- विकार रसूल
प्रदेशाध्यक्ष विकार रसूल वानी ने बताया कि राहुल गांधी के साथ उनके सुरक्षा घेरे को मजबूत बनाने के लिए स्थानीय पुलिस कर्मी रस्सी लेकर साथ चलते हैं। आतंकवाद ग्रस्त इलाका होने के कारण साउथ कश्मीर में अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात होने चाहिए थे। भीड़ के बीच राहुल गांधी को भी धक्के लगे। साथ में रस्सी लेकर चलने वाले पुलिसकर्मी ही नहीं थे। हम एक घंटे तक रुके लेकिन कोई पुलिस टीम नहीं पहुंची। जिसके बाद यात्रा को स्थगित करना पड़ा। गृह मंत्रालय की ओर से सुरक्षा पर दिए गए बयान पर जयराम रमेश ने कहा कि हम ऐसे बयानों पर जवाब नहीं देंगे, क्योंकि यह सबने देखा है।
यूटी प्रशासन सुरक्षा देने में विफल- पाटिल
एआईसीसी की जम्मू कश्मीर मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल ने ट्वीट करके कहा है कि जम्मू कश्मीर प्रशासन राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो यात्रा को सुरक्षा प्रदान करने में विफल रहा है। सुरक्षा चूक यूटी प्रशासन के अनुचित रवैये का संकेत देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना के अनुसार दक्षिण कश्मीर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अचानक पाया कि राहुल गांधी का बाहरी घेरा, जिसे जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा प्रबंधित किया जाना था, गायब हो गया था। कुछ दूरी की पदयात्रा पर ही सुरक्षा कारणों से हमें यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा क्योंकि कमजोर सुरक्षा तंत्र में यात्रा मार्ग पर भीड़ को नियंत्रित करने के प्रबंध नहीं थे। राहुल गांधी के प्रति अपना स्नेह दिखाने के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता की सुरक्षा को लेकर आशंकाएं थीं क्योंकि लोग उनके बहुत करीब आ रहे हैं। राहुल अपनी कार से खन्नाबल में रात्रि विश्राम स्थल तक पहुंचे।
देश के मौजूदा माहौल को बदलने की कोशिश कर रहे राहुलः उमर
भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ शुक्रवार को शामिल हुए नेकां के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा का उद्देश्य राहुल गांधी की छवि को सुधारना नहीं है, बल्कि देश के मौजूदा माहौल को बदलना है। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री उमर ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने के मुद्दे पर कांग्रेस के रुख से जुड़े सवालों को यह कहते हुए टाल दिया कि वह इसमें नहीं पड़ना चाहते। हम किसी व्यक्ति की छवि के लिए नहीं बल्कि देश की छवि के लिए इस मार्च में शामिल हुए हैं।
उमर ने कहा कि राहुल ने व्यक्तिगत कारणों से यात्रा शुरू नहीं की है, बल्कि देश में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के प्रयासों पर उनकी चिंता है। आजादी के बाद पहली बार हो सकता है कि सत्तारूढ़ दल के पास मुस्लिम समुदाय से संसद का एक भी सदस्य नहीं है। यह उनके रवैये को दर्शाता है।
2016 के सर्जिकल स्ट्राइक पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उनकी पार्टी ने ऑपरेशन पर कभी सवाल नहीं उठाए हैं। यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है। हमने न तो सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाया है और न कभी उठाएंगे। जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने पर कांग्रेस के रुख पर कहा कि हम न्यायालय में अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए लड़ रहे हैं। पिछला विधानसभा चुनाव 2014 में हुआ था। जम्मू-कश्मीर में दो चुनावों के बीच यह सबसे लंबी अवधि रही है। आतंकवाद के चरम पर भी ऐसा नहीं था। हम भिखारी नहीं हैं और हम इसके लिए भीख नहीं मांगेंगे।