जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जम्मू जिला (शहरी और ग्रामीण) के एक दिवसीय अधिवेशन में कांग्रेस नेताओं के निशाने पर अधिकतर समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा ही रही। हालांकि, बीच-बीच में मुख्यमंत्री मुफ्ती पर भी निशाना साधा।
कमला पैलेस अखनूर रोड पर हुए अधिवेशन में प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार और रियासत में भाजपा-पीडीपी सरकार की नाकामी से एक बार फिर साबित हो गया है कि कांग्रेस जोरदार वापसी करेगी।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाने, हिंदू को मुख्यमंत्री बनाने और पश्चिमी पाक रिफ्यूजियों आदि के मसलों और खासतौर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद और सीमा पर गोलाबारी रोकने के जो वादे लोगों से किए थे, वह सब धोखा था। अब लोगों को पछतावा हो रहा है।
भाजपा-पीडीपी ने नहीं, कांग्रेसियों ने ही हराया
मीर ने कहा कि कांग्रेस को रियासत में भाजपा, पीडीपी या नेशनल कांफ्रेंस ने नहीं हराया, बल्कि कांग्रेसियों ने ही हराया। जनता और कार्यकर्ताओं की नब्ज न समझ पाने की वजह से कांग्रेस की हार हुई। उन्होंने कहा कि खुद को बड़ा कांग्रेस नेता कहने वाले और यहां तक कि कई मंत्री भी जनता के बीच ज्यादा समय तक नहीं रहे।
विधायक दल के नेता नवांग रिगझिन जोरा ने यहां तक कहा कि मोदी के बस की बात नहीं है सरकार चलाना। उन्होंने कहा कि मोदी 56 इंच की छाती बताकर कहते रहे कि पाकिस्तान और आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देंगे, लेकिन कश्मीर में खुलेआम पाकिस्तानी झंडे लहराये जा रहे हैं।
सीमा पर आए दिन पाक गोलाबारी होती है। अनुच्छेद 370, पश्चिमी पाक रिफ्यूजियों को भुला दिया गया है। वरिष्ठ उपप्रधान एवं पूर्व मंत्री शाम लाल शर्मा ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को बरगला कर वोट लेने वाली पार्टी की सच्चाई अब जनता को समझ में आ चुकी है और वह पछता रहे है।
पूर्व सांसद मदन लाल शर्मा, पूर्व मंत्री रमण भल्ला ने मोदी और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एम्स जम्मू में खुलवाने में भाजपा अब तक नाकाम रही। बाढ़ प्रभावित लोगों के अलावा रिफ्यूजियों, जम्मू से भेदभाव को भाजपा भूल गई है। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं में युवा इकाई के प्रदेशाध्यक्ष प्रणव शगोत्रा, बलवान सिंह, शिवदेव सिंह, इंदु पवार, ओम चोपड़ा आदि ने भी विचार रखे।