विधानसभा नंबर 60 में प्रमुख प्रत्याशियों में सबसे अमीर कांग्रेस के अशोक कुमार गुप्ता हैं। सबसे कम संपत्ति विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया की है। उनके खिलाफ मीरां साहिब में एक आपराधिक मामला भी दर्ज है। जिला चुनाव अधिकारी के कार्यालय से मिली सूचना के अनुसार कांग्रेस के प्रत्याशी अशोक कुमार गुप्ता ने अपने हलफनामे में दसवीं पास बताया है।
उनके पास 55.86 लाख रुपये और अभिभावकों के नाम 24.73 लाख रुपये की चल संपत्ति है, जबकि 4.8 करोड़ रुपये निजी और 27 लाख रुपये की अभिभावकों के नाम पर अचल संपत्ति है। भाजपा छोड़कर निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ रहे पवन गुप्ता सबसे शिक्षित हैं। उन्होंने कश्मीर से बीई सिविल इंजीनियरिंग की है।
उन्होंने अपनी संपत्ति चार करोड़ 23 लाख 12 हजार घोषित की है। 2008 के चुनावों में उन्होंने अपने हलफनामे में अपनी संपत्ति चार करोड़ बताई थी। उनकी कोई देनदारी भी नहीं है। इसके बाद नेशनल कांफ्रेंस के उम्मीदवार सुनील वर्मा हैं। सुनील वर्मा दसवीं पास हैं और उनकी चल संपत्ति 59.67 लाख रुपये हैं। अभिभावकों के नाम चल संपत्ति 46.35 लाख है।
उन पर 28.76 लाख, जबकि पत्नी के नाम पर देनदारी 84.45 लाख रुपये की है। कांग्रेस के प्रत्याशी अशोक कुमार गुप्ता ने भी हलफनामे में दसवीं पास बताया है। उनके पास 55.86 लाख रुपये और अभिभावकों के नाम पर 24.73 लाख रुपये की चल संपत्ति है। 4.8 करोड़ रुपये निजी, जबकि 27 लाख रुपये की अभिभावकों के नाम चल संपत्ति है।
भाजपा प्रत्याशी पवन खजूरिया ने एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन शिक्षा बताई है। उनके पास 12.54 लाख निजी और 10.19 लाख अभिभावकों के नाम पर चल संपत्ति है, जबकि 1.23 करोड़ की अचल संपत्ति है। विधायक मनकोटिया पॉलिटिकल साइंस से एमए हैं। उनके पास 6.71 लाख रुपये निजी और 45.64 लाख रुपये की अभिभावकों के नाम पर चल संपत्ति है।