उपजिले में धड़ल्ले से लोग अपने चार पहिया वाहनों में एलपीजी सिलेंडर का उपयोग कर रहे हैं। वाहनों में एलपीजी गैस का प्रयोग खतरनाक होता है, लेकिन प्रशासन ने इस मामले में आंखें बंद कर रखी हैं।
जानकारी के अनुसार निजी स्कूलों में लगाए गए वाहनों में भी वाहन चालक एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा करके वे मासूम बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करते हैं।
बड़े गैर सरकारी स्कूलों के पास अपने वाहन हैं, जबकि ज्यादातर छोटे स्कूल किराए पर वाहन लगाए हुए हैं। शिक्षा विभाग भी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। कर्ण ईशव सोसल सोसायटी की प्रधान तेजेन्द्र कौर का कहना है कि वाहन चालकों की ओर से घरों में प्रयोग किए जाने वाले गैस सिलेंडर का प्रयोग करना अवैध है।
वाहनों में एलपीजी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल हादसे को दावत देने जैसा है। ताज्जुब होता है कि शिक्षा विभाग और प्रशासन ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है।
इस संबंध में एसडीपीओ आरएस पुरा देवेंन्द्र सिंह का कहना है कि पुलिस द्वारा निजी स्कूल संचालकाें को पहले ही इस संबंध में निर्देश दिया गया है। आरटीओ की ओर से भी इस मामले में स्पष्ट आदेश हैं। ऐसे में यदि कोई वाहन चालक एलपीजी का प्रयोग कर रहा है, तो उसके खिलाफ कानून के अंतर्गत कारवाई की जाएगी।