डॉ. फारुक अब्दुल्ला
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जम्मू-कश्मीर में मुख्यधारा के नेताओं की नजरबंदी पर कांग्रेस पार्टी ने सवाल उठाते हुए मोदी सरकार पर हमला किया।
पार्टी ने पूछा कि श्रीनगर से लोकसभा सांसद व नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला को सोमवार से शुरू हो रहे संसद के सत्र में भाग लेने की अनुमति मिलेगी? जो फिलहाल जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत नजरबंद हैं।
संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि केंद्र ने कश्मीर का अंतरराष्ट्रीय करण करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
यूरोपीय संघ (ईयू) के सांसदों को घाटी का दौरा करने की अनुमति देने के लिए पार्टी ने सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि इस सरकार ने भारतीय नेताओं को घाटी जाने की अनुमति नहीं दी।
सरकार को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि उसने राजनीतिक दलों के नेताओं को क्यों नजरबंद रखा है।