जहां एक तरफ राज्य में विधानसभा चुनाव को लेकर असमंजस बनी हुई है, वहीं मतदाता सूचियों को लेकर अभी भ्रम की स्थिति बरकरार है। जम्मू संभाग में मतदाता सूचियों को बनाने का काम जोरों से चल रहा है। इसके लिए किया जा रहा समरी रिवीजन लगभग पूरा हो चुका है। मतदाता सूचियों को तैयार करने में जुटे संबंधित चुनावी सेल पहली अक्तूबर को प्रकाशन तारीख समझ कर अपना काम पूरा करने में जुटे हुए हैं, लेकिन कश्मीर संभाग में काम को लेकर असमंजस है।
इस महीने के पहले सप्ताह में आई भीषण बाढ़ के कारण सारे काम उलट- पुलट हो चुके हैं। घाटी में सरकार और प्रशासन फिलहाल बुनियादी ढांचों को दुरुस्त करने में जुटा हुआ है। पुनर्वास और रिलीफ का काम इतना है कि चुनावी सूचियों को लेकर काम तकरीबन अभी बंद है। गौरतलब है कि मतदाता सूचियां पूरे राज्य की एक साथ ही प्रकाशित होनी हैं।
संबंधित अधिकारियों के अनुसार पहली अक्तूबर को मतदाता सूचियां जारी करना संभव नहीं हो पाएगा। वहीं चुनाव अधिकारी कार्यालय भी बाढ़ के बाद सोमवार को श्रीनगर में फिर से खुलेगा। बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी यह बात कह चुके हैं कि फिलहाल लोगों का पुनर्वास और राहत का काम ही सरकार की प्राथमिकता है। ऐसे में चुनावों को लेकर जनता में असमंजस है।
डीसी जम्मू अजीत कुमार साहु कहते हैं कि समरी रिवीजन का काम जम्मू में नब्बे प्रतिशत तक पूरा हो गया है लेकिन श्रीनगर के डीसी फारूख अहमद शाह ने कहा कि फिलहाल काम धीमा है, क्योंकि इस समय प्राथमिकता बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और राहत की है लेकिन कोशिश की जाएगी।