शहीद हवलदार जुगल किशोर शर्मा को सलामी देते सेना के जवान।
ज्यौड़ियां। अरुणाचल प्रदेश में हिमस्खलन की चपेट में आकर शहीद हुए खौड़ के दोनों शहीदों के पार्थिव शरीर शनिवार को उनके गांवों में पहुंचे। जहां उनका सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव डगेर (पोलडा) निवासी शहीद हवलदार जुगल किशोर शर्मा का पार्थिव शरीर शाम 4.09 बजे पहुंचा तो पूरा क्षेत्र भारत माता की जय, हवलदार जुगल किशोर अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा जुगल किशोर तेरा नाम रहेगा, के जयकारों से गूंज उठा।
हालांकि सेना तथा स्थानीय लोगों की तरफ से पहले सब कुछ तय कर रखा था कि सभी लोग शहीद के दर्शन लाइन में और विस्तार से करेंगे। सभी को ऐसा बता दिया गया था ताकि सभी दर्शन कर सकें, फिर भी हर कोई शहीद की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़ा। शहीद का अंतिम संस्कार गांव डगेर के शमशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। शहीद हवलदार जुगल किशोर शर्मा को उसके छोटे भाई पृथ्वी राज तथा भतीजे अशुं शर्मा ने मुखाग्नि दी। वह तीन भाई और उनकी एक बहन है। बड़ा भाई गौतम शर्मा सरपंच रह चुके हैं। छोटा भाई पृथ्वी राज जम्मू-कश्मीर पुलिस में है। सभी की शादी हो चुकी। शहीद जुगल किशोर शर्मा की एक साढे़ चार वर्षीय बेटी है।
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हादसे से बेखबर शहीद की बेटी कार्तिका शर्मा तिरंगा लिये हर किसी के मुंह की तरफ देखती और मां व दादी को रोता देख वह भी रोने लगती। कार्तिका शर्मा नर्सरी में पढ़ती है। उसके पिता उसे बड़ा अधिकारी बनाना चाहते थे। जानकारी के अनुसार जुगल किशोर देश भक्त और राष्ट्र से प्रेम करने वाला सैनिक था। उसके गांव के दोस्तों के अनुसार वह ड्यूटी को सब कुछ समझता था। उसके गांव से पता चला कि वह दोनों भाइयों और साले की शादी में नही पहुंचा था। क्योंकि उसके लिए पहले उसकी नौकरी थी। सौ साल की आयु से भी अधिक के शहीद के दादा बैधनाथ रोते हुए कह रहे थे कि बेटा समय मेरा था, लेकिन चले तुम गये। शहीद की मां पुष्पा देवी, पत्नी सविता शर्मा तथा छोटी बहन शव को देख बेसुध हो गई। शहीद की मां और पत्नी ने भी शहीद की अर्थी को कंधा दिया। वहीं शहीद के पिता रामपाल तथा बड़े भाई गौतम शर्मा के अनुसार उन्हें अपने घर के लाल को खोने का गम है। वहीं उन्हें फख्र भी है कि उनका सपूत देश सेवा करते हुए शहीद हो गया।
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सेना की 61 आरआर के सैनिकों ने शहीद को सलामी दी। सेना की 19 जैक राइफल से सेवानिवृत्त हुए पूर्व सैनिकों, प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। शहीद की अंतिम यात्रा में सांसद जुगल किशोर शर्मा, डीडीसी उपाध्यक्ष सूरज सिंह भाऊ, नगर पालिका खौड़ अध्यक्ष डिप्टी राम, बार एसोसिएशन अखनूर के प्रधान यश कर्ण सिंह भाऊ, पूर्व मंत्री शाम लाल शर्मा, डीडीसी भूषण बराल, समाजसेवी डॉक्टर पुरुषोत्तम लाल, पूर्व उप मुख्यमंत्री ताराचंद सहित क्षेत्र के हजारों की संख्या में लोग पहुंचे।