सीडी और साइकाइट्री के मरीजों को जीएमसी और सुपर स्पेशलिटी में शिफ्ट कियागया है। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग के गांधीनगर अस्पताल, नए जच्चा बच्चा अस्पताल को भी कोविड में तब्दील किया गया है। अगर कम्युनिकेबल डिजीज अस्पताल अलग से हों तो सामान्य अस्पतालों में गतिविधियां सामान्य तौर पर चलती रहेंगी।
कम्युनिकेबल बीमारियां एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलती
कम्युनिकेबल डिजीज में संक्रमित बीमारियां एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलती है। इनमें अधिकांश वायरस से जुड़ी बीमारियां होती हैं। यह बीमारियां सामुदायिक स्तर पर बड़े पैमाने पर फैलती हैं और हजारों लोग इनकी चपेट में आ जाते हैं।
संक्रमित बीमारियों के पीड़ितों को मिलेगी राहत: निदेशक
स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. रेणु शर्मा के अनुसार कम्युनिकेबल डिजीज अस्पताल के लिए शुरुआत में अगर 50 कनाल जमीन भी उपलब्ध हो जाती है तो वहां काम शुरू किया जा सकता है। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रशिक्षित और सक्षम चिकित्सा स्टाफ को तैनात किया जाएगा। उम्मीद है कि जमीन मिलने पर जल्द कम्युनिकेबल डिजीज अस्पताल का काम शुरू हो जाएगा। संक्रमित बीमारियों में ऐसे अस्पताल पीड़ितों के लिए काफी राहत देंगे।