यात्री वाहनों द्वारा किराया कम न करने पर लोगों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस संबंध में एक कमेटी गठित करने का फैसला किया है। यह कमेटी 27 जनवरी तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर ही यात्री किराए के संबंध में कोई फैसला लिया जाएगा। बहरहाल कमेटी गठित कर प्रशासन ने लोगों के गुस्से को शांत करने और लोगों में प्रशासन के प्रति भरोसा पैदा करने की कोशिश की है।
कमेटी के बारे में जानकारी देते हुए जिला उपायुक्त शाहिद इकबाल ने बताया कि इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को रखा गया है। क्षेत्र का भी ध्यान रखा गया है। उन्होंने बताया कि आरटीओ नजीर शेख कमेटी का नेतृत्व करेंगे। उनके साथ एसीआर एसपी सकवाल, एसडीएम हीरानगर सोहन लाल, एसडीएम बसोहली गुरमुख सिंह, एआरटीओ सलीम मन्हास भी रहेंगे।
सभी सदस्य अगले सात दिनों तक वाहन चालकों, विद्यार्थियों, यात्रियों और बस यूनियनों से बात कर उनकी राय जानेंगे। यह कमेटी यात्री किराए के संबंध में प्रशासन को 27 जनवरी को रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर ही इस बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने ट्रैफिक और परिवहन विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थी किराए पर खास ध्यान रखा जाए।
इस बात की जांच की जाए कि विद्यार्थियों और हैंडीकैप लोगों को किराए में नियमानुसार छूट मिल रही है या नहीं। यदि कोई नियमों का उल्लंघन करते पाया जाता है, तो उस पर कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से विद्यार्थी संगठनों और लोगों ने जिला प्रशासन से किराए कम करने के लिए गुहार लगाई थी।