रियासत के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जीएमसी जम्मू में डायग्नोस्टिक सेंटर का कांट्रैक्ट निजी हाथों को सौंपने के क्रम में अनुचित पक्ष देने के आरोपों पर राज्य सतर्कता आयोग ने अथारिटी से रिपोर्ट मांगी है।
आयोग के प्रवक्ता के अनुसार स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा के आयुक्त सचिव से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने डबगोत्रा चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन सोमनाथ डबगोत्रा की ओर से जीएमसी के प्रिंसिपल के खिलाफ दायर शिकायत पर कार्यवाही की है।
आरोप में कहा गया कि जीएमसी में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर निजी डायग्नोस्टिक सेंटर को केंद्र स्थापित करने और उसे चलाने की अनुमति देने में पक्षपात किया गया।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने मामले की प्रारंभिक जांच की जिम्मेदारी स्टेट विजिलेंस आर्गनाइजेशन को दी। विजिलेंस की ओर से आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया कि प्रथम दृष्टया सेंटर में मरीजों से वसूली जाने वाली फीस में घोटाला नजर आ रहा है।
नियमानुसार फीस हास्पिटल फंड में जाने की बजाय निजी फार्म सीधा खुद पैसे वसूल रही है। इसके लिए निजी फर्म को हास्पिटल में परिसर और बिजली मुफ्त में मुहैया करवाई जा रही है। अन्य राज्यों की तर्ज पर पीपीपी आधार पर चलने वाले केंद्रों से होने वाले लाभ का हिस्सा सरकार को नहीं दिया जा रहा।