एलएसी के पास स्थित इंडियन एस्ट्रोनॉमिकल आब्जरवेटरी हनले से नजर आया धूमकेतु
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लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास 23 जुलाई की रात खगोलीय घटनाक्रम के दिलकश नजारे ने खगोल विज्ञानियों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया। एलएसी से कुछ ही किलोमीटर दूर हनले स्थित इंडियन एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जरवेटरी से पुच्छल तारा यानी धूमकेतु (कॉमेट नियोवाइज) से आकाश जगमगाता नजर आया।
हनले ऑब्जरवेटरी के प्रभारी दोरजे अंगचुक ने बताया कि कॉमेट नियोवाइज को लगातार ट्रैक किया जा रहा है। 23 जुलाई को यह कॉमेट अपने सफर में पृथ्वी के सबसे नजदीक से गुजरा। इसे लेकर आब्जरवेटरी में पहले से तैयारी कर ली गई थी।
इससे पूर्व कॉमेट स्वैन एन मौके पर खंडित होकर गायब हो गया था। पिछले 23 वर्ष के अनुभव के चलते इस बार पता था कि कॉमेट कहां और कितने बजे तक नजर आएगा। रात 10:30 से 11:30 बजे के बीच कॉमेट को विक्सन पोलरी के बीच पाया गया।
धूमकेतु इतना उजला था कि इसे सामान्य कैमरे अथवा नंगी आंखों से भी देखा जा सकता था। तस्वीरें उस समय ली गईं जब धूमकेतु ठीक आब्जरवेटरी के ऊपर से गुजरता नजर आ रहा था। टीम के सदस्यों ने महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाए हैं।