जम्मू। स्पेशल जज एंटी करप्शन जम्मू वाईपी बौरनी की अदालत ने क्राइम ब्रांच जम्मू को सब्सिडाइज केरोसिन तेल घोटाले में नए सिरे से चार्ज सीट तैयार करने का आदेश दिया है। मौजूदा चार्ज शीट में त्रुटियां हैं। इसमें रिकार्ड और कई पहलुओं को शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में अब मामले से संबंधित आरोपियों के नाम भी चार्जशीट में शामिल करने को कहा गया है।
सुनवाई के दौरान पाया गया कि ज्यादा संख्या में रिटेल डीलरों को लाइसेंस जारी हुए। 1997-98 से 2006-07 में 300 डिपो थे। जबकि 2006 तक इनकी संख्या 1111 पहुंच गई। इन लाइसेंसों को नियमों को ताक पर रखकर जारी किया गया। इस दौरान रहे निदेशक इस मामले में जिम्मेदार थे, लेकिन इसमें सिर्फ सेवानिवृत्त निदेशक सुभाष चंद्र जंडियाल का ही नाम शामिल है। अन्य का कोई जिक्र नहीं है। चार्जशीट में उस समय रहे निदेशकों के नाम भी शामिल होने चाहिए।
डिपो के माध्यम से केरोसिन को बेचा गया है। जांच के दौरान भी तेल बेचने के सुबूत मिले हैं। चार्जशीट में इन्हें भी शामिल नहीं किया गया है। कालाबाजारी रोकने को इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी थी। इसमें उनका भी जिक्र नहीं है। इसमें 100 डिपो के माध्यम से तेल कोटे की कालाबाजारी हुई है। संबंधित लोगों को तेल न देकर अवैध रूप से अन्य को दिया है। चार्जशीट में तिंद्र पाल सिंह का ही जिक्र है। जबकि मामले में अन्य लोग भी संलिप्त हैं। इसके सुबूत और रिकार्ड के हिसाब से नई चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में जमा करवाई जाए।