फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वापस जाने को तैयार नहीं CM के OSD

विज्ञापन
विज्ञापन
श्रीनगर स्थित मुख्यमंत्री के निजी कार्यालय में ओएसडी के रूप में स्थानांतरित होने वाले अफसर के मामले में दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। तारिक अहमद काकरू ने 15 जनवरी को जारी सरकारी आदेश को अदालत में चुनौती दी है।
विज्ञापन


आदेश में याचिकाकर्ता को जेएंडके स्टेट पावर डेवलपमेंट कारपोरेशन में उप महानिदेशक (कानूनी) पर पर वापस रिपोर्ट करने को कहा गया है। हाईकोर्ट के जस्टिस हसनैन मसूदी ने याचिकाकर्ता को सुनने के बाद याचिका को स्वीकार कर लिया और प्रतिवादी को नोटिस जारी किया।

सरकार की ओर से एएजी एचए सिद्दीकी ने नोटिस को स्वीकार किया। कोर्ट ने अपने आदेश में दो सप्ताह के अंदर काउंटर हलफनामा दाखिल करने को कहा है। साथ ही अगले दो सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। सुनवाई के दौरान जस्टिस ने पाया कि याचिकाकर्ता 15 जनवरी के सरकारी आदेश से पीड़ित है।
विज्ञापन


जिसमें उसे स्टेट पावर डेवलपमेंट कारपोरेशन में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां वे पहले से पदभार थे। साथ ही बाद में सरकार में अवशोषण की समीक्षा को निर्देशित किया गया।
Trending Videos
विज्ञापन

2009 में बनाया गया था ओएसडी

आवेदन में याचिका के आधार पर अंतरिम निषेधाज्ञा तय करने की अपील की गई। याचिका के अनुसार 18 अक्तूबर 2008 को उन्हें स्टेट पावर डेवलपमेंट कारपोरेशन में उप महानिदेशक (कानून) के रूप में तैनात हुए थे। 21 फरवरी 2009 को सरकारी आदेश में उन्हें मुख्यमंत्री के निजी कार्यालय में प्रति नियुक्ति के आधार पर ओएसडी बनाया गया।

इसके बाद 15 जून 2009 को जीएडी ने मुख्यमंत्री के निजी कार्यालय में 10,000 से 15,200 के वेतनमान (बाद में संशोधित) पर ओएसडी का अस्थायी पद सृजित किया। याचिकाकर्ता ने उक्त पद के आधार पर तय वेतनमान का वेतन अभी लेना था।

इसी दौरान पावर डेवलपमेंट कारपोरेशन के एमडी ने आयुक्त सचिव (जेडीए) को पत्र लिख तत्काल याचिकाकर्ता को उसके पुराने पद पर भेजने का आग्रह किया, ताकि लंबित कानूनी मामलों को निपटाया जा सके। या फिर वैकल्पिक तौर पर कारपोरेशन में उप महानिदेशक (कानून) के पद में नई बहाली की अनुमति दी जाए।
जेएनएफ
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें