गोलाबारी के समय जान गंवाने वालों को वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन परिवार की पीड़ा समझ सकते हैं। यह बातें मुख्यमंत्री उमर ने ज्यौड़ा फार्म गांव में गोलाबारी से नुकसान का जायजा लेने के बाद कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कोई राजनीति करने के लिए ग्रामीणों के बीच नहीं पहुंचे हैं, बल्कि अपना फर्ज निभाने और दुख-दर्द बांटने के लिए आए हैं।
उन्होंने कहा कि तरणजीत सिंह टोनी सहित क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिन दिक्कतों के बारे में जानकारी मुहैया करवाई है, उसके समाधान के लिए साथ आए जिलाधीश से उस पर अमल करने के लिए निर्देश दिया है। गृह राज्यमंत्री किचलू, नेकां के प्रांतीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा, जिलाधीश अजीत साहू आदि मौजूद थे।