कांग्रेस पर मुख्यमंत्री और नेकां के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने पलटवार किया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राज्य में खाद्य सुरक्षा कानून पारित करने में नेकां के साथ नहीं देने संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को नेकां का साथ चाहिए था तो उस समय उसकी तारीफ की जाती थी।
अब विधानसभा चुनाव में अलग अलग चुनाव लड़ा जा रहा है तो नेकां की बुराइयां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान को मिलकर कश्मीर मु्ददे का हल निकालना चाहिए।
शनिवार को कश्मीर के सुंबल और कंगन में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए उमर ने कांग्रेस पर हमला बोला। कहा कि नेकां ऐसे किसी भी कानून को स्वीकार नहीं करेगी, जो राज्य के लोगों के हित में न हो। राज्य के लोगों का फायदा पार्टी की पहली प्राथमिकता है।
गलत की जिम्मेदार नेकां तो उपब्लिधयों की हकदार भी अकेले
किसी भी राजनीतिक पार्टी के अपने निजी स्वार्थ के लिए राज्य के लोगों पर जबरदस्ती कुछ थोपने नहीं दिया जाएगा। वह हैरान हैं कि कांग्रेस को अब नेशनल कांफ्रेंस से परेशानी होने लगी है। सवाल करते हुए उमर ने कहा कि जब लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के लिए नेशनल कांफ्रेंस प्रचार कर रही थी, तब कांग्रेस को कोई परेशानी क्यों नहीं हुई।
अगर नेशनल कांफ्रेंस की वजह से कोई विकास नहीं हुआ, तो जो विकास हुआ उसकी हकदार भी अकेली नेशनल कांफ्रेंस है। नेशनल कांफ्रेंस की सरकार में कांग्रेस को अच्छा स्थान मिला था। भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा कहती है कि राज्य के लोगों का वह दिल जीतना चाहती है, लेकिन सच तो यह है कि पार्टी ने राज्य के संविधान, झंडे और राज्य के विशेष दर्जें को स्वीकार नहीं किया। ऐसे लोगों से क्या उम्मीद की जा सकती है।
अनुच्छेद 370 पर बोलते हुए कहा कि कांग्रेस, पीडीपी और भाजपा इसे लेकर सिर्फ राजनीति कर रही है। इसका इस्तेमाल सिर्फ अपने राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है। वहीं कंगन और सुंबल के लोगों से कहा कि नेकां की सरकार ही दोनों क्षेत्रों का संपूर्ण विकास करा सकती है।