पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार के मुखिया को अपने अफसरों की टीम चुनने का अधिकार होना चाहिए। उमर ने ट्वीटर पर लिखा, ‘चाहे या न चाहे, आपकी पसंद सही हो या गलत, मुख्यमंत्री को अपने अफसरों को चुनने के लिए स्वतंत्र होना चाहिए। पिछली सीट से ड्राइविंग लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाती है।’
नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष उमर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि संघवाद पर उनके शब्दों और कामों में अंतर है। केंद्रीय मंत्री रवि शंकर द्वारा एक टीवी चैनल पर कहा गया , ‘हमने कभी कहा कि हम अनुच्छेद 370 को समाप्त करने जा रहे हैं। नहीं, हमने कभी नहीं कहा।
वह आज भी हमारे चुनावी घोषणा पत्र का हिस्सा है।’ उमर ने उनके वक्तव्य पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद से पूछा, ‘मुफ्ती साहब, क्या आप रवि शंकर के कथन और लोगों के बीच आपके कथन के विरोधाभास को स्पष्ट करेंगे।’
Like it or not, right choice or wrong a CM must be free to choose his or her own team of officers. This back seat driving damages democracy.— Omar Abdullah (@abdullah_omar) May 16, 2015