बुधवार को मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की अध्यक्षता में हुई यूनिफाइड कमांड की बैठक में सुरक्षा एजेंसियों को रियासत में अमन और शांति का माहौल बनाने के लिए सभी उचित कदम उठाने के निर्देश जारी किए गए। बैठक में उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह भी मौजूद रहे।
मुफ्ती द्वारा सोपोर में हो रहीं टारगेट कीलिंग्स को लेकर चिंता व्यक्त की गई। सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि भविष्य में इस तरह की वारदात नहीं होनी चाहिए। साथ ही श्री अमरनाथ यात्रा को सुचारु ढंग से संचालित करने को लेकर किए गए प्रबंधों की भी मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने समीक्षा की।
मुख्यमंत्री का कहना था कि सरकार 2014 में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद पुनर्वास में लगी हुई है। पर लोगों के पुनर्वास के लिए जरूरी है कि अमन और शांति का माहौल बनाया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री को एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) से संबंधित पूरी दृश्य योजना से भी अवगत कराया गया। यह भी बताया गया कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा राज्य में शांति बहाल रखने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाया
बैठक के दौरान मौजूदा सरकार की प्राथमिकताओं सुशासन, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन पर रोशनी डालते हुए मुख्यमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों से कहा कि लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाया जाए।
अधिकारियों ने आश्वासन दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और सुरक्षा व्यवस्था को भी चाक चौबंद बनाया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल खांडे, डीजीपी के राजेद्रा, 16 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल राजीव तिवारी, 15 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा, 14 कोर के सीओएस मेजर जनरल अविनाश सिंह, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव बीबी व्यास, गृह सचिव आरके गोयल उपस्थित थे।
संयुक्त निदेशक आईबी श्रीनगर, कमिश्नर एसबी जम्मू और जम्मू और कश्मीर के मंडलायुक्तों ने भाग लिया। आईजीपी सीआईडी, आईजीपी कश्मीर जोन, आईजीपी जम्मू जोन, आईजीपी सीआरपीएफ (एडम) जम्मू, आईजीपी सीआरपीएफ (ऑप्स) कश्मीर, आईजीपी सीआरपीएफ जम्मू, आईजी बीएसएफ कश्मीर और आईजी बीएसएफ जम्मू भी उपस्थित रहे।