मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध सुधार एक निरंतर प्रक्रिया है। अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीनगर से मुजफ्फराबाद के बीच बस सेवा सहित विश्वास बहाली के कई कदम उठाए गए थे।
नियंत्रण रेखा के आरपार व्यापार तथा यात्रा को दो पड़ोसियों के बीच विश्वास बहाली का सबसे बड़ा प्रयास बताते हुए कहा कि इसे और आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि मोदी सबसे अधिक रियासत के विकास पर ध्यान दे रहे हैं।
कैबिनेट की बैठक की जानकारी देते वक्त पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि पिछले दिनों उन्होंने पुंछ के चक्का दा बाग का दौरा किया था। इस दौरान वहां बैकिंग तथा टेलीफोन की सुविधा देने के साथ ही आर-पार आने जाने के लिए आसान सुविधा उपलब्ध कराने पर भी बात हुई है।
प्रधानमंत्री के पैकेज पर जताई संतुष्टि
एक सवाल के जवाब में कहा कि केंद्र की मोदी सरकार आशा से अधिक सहायता कर रही है। केंद्र सरकार के रुख से वे संतुष्ट हैं। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी तथा वीपी सिंह से भी अधिक मोदी रियासत पर ध्यान दे रहे हैं।
किशनगंगा प्रोजेक्ट के विस्थापितों के लिए दो बार वीडियो कांफ्रेंसिंग की। प्रधानमंत्री के पैकेज पर भी उन्होंने संतुष्टि जताते हुए कहा कि सभी वर्गों का ख्याल रखा गया है। पीओके रिफ्यूजी, छंब विस्थापितों तथा बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास की व्यवस्था है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निकाय तथा पंचायतों के चुनाव जल्द से जल्द कराने के प्रति प्रतिबद्ध है। इससे जमीनी स्तर तक के लोगों को अधिकार मिल सकेगा। पिछले सरकार में पंचायत चुनाव हुए लेकिन ब्लाक तथा जिला स्तर पर अधिकार नहीं दिए गए।
इन सवालों से बचते दिखे सीएम मु्फ्ती
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान कि अभी चुनाव हुए तो पीडीपी-भाजपा का सफाया हो जाएगा, संबंधी सवाल के जवाब में कहा कि यह अच्छी बात है। पीओके संबंधी पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के बयान पर कहा कि अभी इसमें कूदने की जरूरत नहीं है।
देखते हैं कि क्या मोड़ आता है। राज्य जवाबदेही आयोग के अधिकारों के लिए हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर कहा कि वे इस मामले को देखेंगे। आयोग का गठन राज्य विधानमंडल में पारित अधिनियम के तहत किया गया है और अधिकार भी इसी अधिनियम के तहत प्राप्त हैं।
श्रीनगर में वित्त मंत्री डा. हसीब द्राबू के पीआरओ की ओर से वनकर्मी की पिटाई तथा एफआईआर दर्ज न किए जाने के सवाल पर कहा कि उन्हें इस प्रकरण की जानकारी नहीं है।