रियासत की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर से कश्मीरी पंडितों से कश्मीर वापस आने की अपील की। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों को कश्मीर जाना चाहिेए। जिससे उनके बच्चों को भी पता चले कि उनकी जड़े कहां से जुड़ी हैं। मुफ्ती ने कहा कि अतीत में जो उनके साथ हुआ वो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था लेकिन अब हमें सब कुछ भूल कर आगे बढ़ना होगा। सरकार उनके लिए इंतजाम करेगी। उनते वापस आने पर हम उनकी सुरक्षा का भी जिम्मा लेते हैं।
शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम महबूबा ने यह बात कही। महबूबा ने कहा कि कश्मीर में अन्य समुदायों की तरह उनके लिए भी समान स्थान है। कश्मीरी पंडित कश्मीर की संस्कृति पहचान का एक स्थायी प्रतीक हैं।
गौरतलब है कि कश्मीरी पंडितों ने कश्मीर मसले के हल के लिए नियुक्त केंद्रीय वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा के समक्ष एक स्वर में कह चुके हैं कि कश्मीर में बनी विपरीत परिस्थितियों में वह अलग-अलग जगहों या फिर अपने घरों में नहीं लौट पाएंगे।
सरकार अगर पुनर्वास के प्रति गंभीर है तो कश्मीर में किसी एक स्थान पर विस्थापित कश्मीरी पंडितों को बसाया जाए। बता दें कि पीडीपी और भाजपा की सरकार चुनाव के पहले इस कोशिश में जुटी है कि कश्मीरी पंडितों की वापसी करा दी जाए। हालांकि कश्मीर के हालात अभी सामान्य नहीं हुए हैं। जिस कारण ये कोशिश अभी तक पूरी न हो सकी है।
पीएम से की पाक के साथ बातचीत की अपील
इस मौके पर सीएम महबूबा ने पीएम नरेंद्र मोदी से कश्मीर मसले पर पाकिस्तान से बातचीत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कश्मीर की भलाई के लिए दोनों देशों की मध्य बातचीत होनी चाहिए।
महबूबा ने कहा कि पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तान के साथ बातचीत की कोशिशें की थी जिसे अब पीएम मोदी द्वारा आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान केवल बातचीत के जरिए ही निकल सकता है।