एक्सपर्ट इन सिटी लेवल टेक्निकल सेल (सीएलटीसी) की सेवा समाप्ति के आदेश पर हाईकोर्ट के जस्टिस जनक राज कोतवाल ने रोक लगा दी है।
याचिकाकर्ताओं के वकील अभिनव शर्मा ने अदालत को बताया कि सरकार ने 19 दिसंबर 2013 को अधिसूचना जारी कर राजीव आवास योजना के तहत सीएलटीसी के पद के लिए कांट्रेक्ट आधार पर नियुक्ति के आवेदन मांगे थे।
सात मार्च 2015 को याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति हुई थी। नियम के अनुसार दो साल की नियुक्ति थी और उसके बाद कोई नियमित करने का दावा नहीं कर सकता।
हालांकि हाईकोर्ट की चुनौती के बाद सीएलटीसी को बंद कर दिया गया और सभी याचिकाकर्ताओं की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
जस्टिस ने सुनवाई के दौरान पाया कि बिना कोई कारण बताए या नोटिस जारी किए याचिकाकर्ताओं की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
आठ मार्च 2015 को सरकार की ओर से जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार उन्हें कोई लाभ नहीं दिया गया, जिसमें उनकी सेवाएं हाउसिंग फार आल स्कीम में लेने को कहा गया था।
अदालत ने सरकार को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब मांगा है। तब तक सरकारी आदेश पर स्टे लगा रहेगा।