-60 घरों को नुकसान, 300 कनाल से अधिक फसलें बर्बाद
-किश्तवाड़ जिला मुख्यालय से कटी घाटी, तंबू में पीड़ित लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
किश्तवाड़। किश्तवाड़ में प्रकृति का कहर थम नहीं रहा है। मंगलवार को 12 दिन में दूसरी आपदा ने कहर बरपाया। वारवान घाटी के मार्गी इलाके में दो जगह बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। इससे करीब 10 घर और 300 कनाल से अधिक फसलें तबाह हो गईं। पानी के तेज बहाव में मवेशी और एक पुल भी बह गया।
जानकारी के अनुसार पानी लोगों के घरों में घुस गया। इससे करीब 60 घरों को नुकसान भी पहुंचा है। प्रभावित परिवारों को पास के पहाड़ी इलाकों में तंबू के नीचे शरण ली है। मौसम की मार से वारवान और मरवा की दोहरी घाटियों में फोन कनेक्टिविटी लगभग न के बराबर है। वारवान की यह दूरस्थ घाटी में करीब 50 गांव हैं। इनमें लगभग 40,000 लोग रहते हैं। बादल फटने के बाद यह पूरा इलाका किश्तवाड़ जिला मुख्यालय से कट गया है।
पहाड़ी इलाकों में तंबू के नीचे रह रहे लोगों ने जिले के अधिकारियों से राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने का आग्रह किया है।
बटोट नेशनल हाईवे पर आवाजाही रोकी
बारिश के चलते जिला प्रशासन ने किश्तवाड़ में बटोट नेशनल हाईवे पर आवाजाही को रोक दिया है। वहीं, आपदा के बाद से किश्तवाड़ में अभी बिजली बंद है, जिससे पानी की सप्लाई भी प्रभावित है। बिजली का 132 केवी का टॉवर गिर गया है। जिले में रुक-रुककर बारिश जारी है। वहीं, डीसी किश्तवाड़ ने बिगड़ते मौसम के दोखते हुए संबंधित सभी विभागों को अलर्ट पर रहने और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने और इलाके में नुकसान का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं।
चिशोती में 67 लोगों की गई थी जान
इससे पहले किश्तावड़ के चिशोती में बादल फटने से भारी तबाही हुई थी। इस हादसे में करीब 67 लोगों की जान चली गई थी। कई घर तबाह हो गए थे। लोगों को घरों में मलबा जमा हो गया था। बिजली के खंभे और पानी की सप्लाई की पाइपें तक तेज बहाव में बह गई थीं।