तहसील के चतराल इलाके में रविवार को तड़के साढ़े चार बजे बादल फटने और सोमवार को पूरे दिन भारी बारिश ने बड़ी तबाही मचाई। बाढ़ में आधा दर्जन से अधिक पुल और पुलियां बह गईं। कृषि योग्य जमीन बहने से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। मेंढर कसबे में भी जगह-जगह जलभराव हो गया है।
एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर रही है। चतराल इलाके में सुबह जब बादल फटा तो इलाके में जल सैलाब उमड़ पड़ा। इसकी चपेट में आने से कई पुलियों को नुकसान पहुंचा है। सोमवार को भी पूरे दिन भारी बारिश हुई। देर रात तक बारिश का सिलसिला जारी था।
बाढ़ के चलते मेंढर कसबे के बस अड्डे के करीब से बहने वाले नाले पर बना पुल टूट गया। धारकास नदी पर बने पुल को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा मनकोटम में तीन पुलियां, चतराल में एक पुल, कोटा में दो पुल, शखी मैदान में एक पुल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इसके चलते यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
चतराल में बादल फटने और भारी बारिश जारी रहने से आई बाढ़ कई कनाल कृषि योग्य भूमि बह गई है। फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। मेंढर तहसील समेत क्षेत्र में संचार सेवाएं प्रभावित हैं। बिजली के कई खंभे गिर गए हैं। मोबाइल टावरों को भी नुकसान पहुंचा है।
मेंढर कसबे समेत क्षेत्र के गांवों में हालात काफी खराब हो गए हैं। लगातार बारिश के चलते कसबे के बाजारों में पानी भर गया है। बारिश के चलते बाजारों में सन्नाटा रहा। लोगों को आवाजाही करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।