एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहिम ने बताया कि केंद्र शासित प्रदेश बनने से पहले टैक्सी चालकों को राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर परमिट जारी किया जाता था। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद उन्हें केवल जिले में ही वाहन चलाने की अनुमति दी जा रही है।
लद्दाख के कारगिल जिले में ट्रांसपोर्टरों ने रविवार से चार दिन का चक्का जाम शुरू कर दिया। पहले दिन वाहनों की आवाजाही नहीं हुई। जिले में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान भी बंद रहे। ऑल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन कारगिल की ओर से दी गई बंद और चक्का जाम की कॉल को धार्मिक और विद्यार्थी संगठन भी समर्थन दे रहे हैं।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहिम का कहना है कि केंद्र शासित प्रदेश बनने से पहले टैक्सी चालकों को राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर परमिट जारी किया जाता था। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद उन्हें केवल जिले में ही वाहन चलाने की अनुमति दी जा रही है।
परिवहन विभाग ने रूट परमिट देने से इन्कार कर दिया है। रूट परमिट की मांग के समर्थन में चार दिवसीय बंद और चक्का जाम रखा गया है। जरूरत पड़ने पर इसके बाद भी विरोध जताया जाएगा।
नौ मजिस्ट्रेट तैनात
चक्का जाम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने नौ मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। इन सभी अधिकारियों को सेक्टर में स्थिति पर नजर रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तैनात किया गया है।
परमिट पर सहमति बनाने को लेकर लेह और कारगिल यूनियन के बीच चौबीस घंटे चली बातचीत विफल रही है। प्रशासन ने अब बिना देरी किए मोटर व्हीकल अधिनियम के तहत आदेश जारी कर हड़ताल समाप्त करवानी चाहिए।- फिरोज अहमद खान, अध्यक्ष एलएएचडीसी कारगिल