नार्को टेरर के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
जम्मू के तीसरे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एनआईए की धारा 22 के तहत प्राधिकृत) मदन लाल की अदालत ने नरवाल बाला के मोहम्मद यूसुफ उर्फ शम्मा की जमानत अर्जी खारिज कर दी। उस पर नार्को टेरर और हथियारों की बरामदगी से जुड़े मामले चल रहे हैं। अदालत ने कहा कि आरोपी को जमानत से यूएपीए के अपराधों की चल रही जांच पर बुरा असर पड़ सकता है।
जमानत अर्जी जम्मू के गांधी नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले से जुड़ी है। केस रिकॉर्ड के मुताबिक पुलिस ने दावा किया कि एक पेट्रोल पार्टी ने शास्त्री नगर श्मशान घाट के पास दो लोगों करण शर्मा और निकलेश वर्मा को रोका। उनके पास से 1.630 किलो हेरोइन जैसे पदार्थ के साथ 3.26 किलो नशीले पदार्थ की बरामदगी हुई। इनकी गिरफ्तारी के बाद आगे के लिंक मिले।
जांच के आधार पर मोहम्मद यूसुफ उर्फ शम्मा को फॉरवर्ड लिंकेज आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर 53.20 ग्राम हेरोइन जैसा पदार्थ और एक डिजिटल वजन करने की मशीन बरामद की गई। बचाव पक्ष ने तर्क दिया उससे सीमित मात्रा ही ली गई थी, इसलिए एनडीपीएस की धारा 37 का वाणिज्यिक मात्रा का नियम लागू नहीं होना चाहिए।
अदालत ने पाया कि आवेदक एक ऐसे मामले में सह-आरोपी है जिसमें सरकारी वकील ने बड़ी मात्रा में हेरोइन और कई पिस्तौल बरामद होने का आरोप लगाया है। वह एक असरदार संगठित क्राइम नेटवर्क का हिस्सा है। यह देखते हुए कि जांच अभी भी चल रही है और इस स्टेज पर रिहाई से जांच पर असर पड़ सकता है, कोर्ट ने जमानत याचिका को समय से पहले और बेदम करार देते हुए जमानत देने से इंकार कर दिया। -जेएनएफ