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मामूली बात पर आपा खो रहे लोग, ले रहे एक दूसरे की जान

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जम्मू। मंदिरों के शहर में लोगों की सहनशक्ति दम तोड़ रही है। रिश्तों की डोर कमजोर हो रही है। मामलूी कहासुनी में ही हिंसक होते जा रहे हैं। बात जान लेने तक पहुंच रही है। पिछले एक साल में जम्मू में हुई हत्याओं के आधा दर्जन मामलों में कारण कोई संगीन नहीं रहा। अधिकतर मामलों में वजह मामूली ही थी। इसका सबसे बड़ा कारण बदलती जीवनशैली को भी माना जा रहा है।
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जानकारी अनुसार अभी कुछ दिन पहले ही एक मामूली कहासुनी के बाद पति ने पत्नी की सिर पर रॉड मारकर हत्या कर दी। नगरोटा में पीएचई अफसर ने अपनी मां की हत्या कर दी। पारिवारिक कहासुनी के बाद मां के सिर पर बैट से हमला कर दिया। बख्शी नगर में मां ने बेटी के साथ मिलकर बड़े बेटे की हत्या कर दी। जम्मू के सतवारी क्षेत्र में मोबाइल गेम्स के नाम पर दोस्त को मार डाला। आरएस पुरा में भी तीन लोगों ने मोबाइल गेम को लेकर व्यक्ति की हत्या कर दी।
आपस में बातें साझा करना जरूरी : डॉ. जगदीश
मनोचिकित्सक विशेषज्ञ एवं एचओडी डॉ. जगदीश थापा कहते हैं कि मौजूदा समय में लोगों के जीने का तरीका बदल चुका है। यहां एक दूसरे के लिए वक्त कम है। जिम्मेदारियां अधिक हैं। लोगों ने अपने खर्च बढ़ा लिए हैं। अब कोविड 19 की वजह से लोग आर्थिक हालातों से भी जूझ रहे हैं। इस तरह की परिस्थितियों में सहनशक्ति दम तोड़ जाती है। ऐसे में सहनशक्ति बनाए रखने का सिर्फ एक ही तरीका है। वह है परिवार के सभी सदस्यों का आपस में बातें सांझा करना। एक दूसरे से बात करना। अच्छे बुरे पर चर्चा होना जरूरी है। परिवार के सभी सदस्यों का एक दूसरे पर यकीन और साथ देना भी जरूरी है। इससे रिश्तों में इस तरह की दरार नहीं आएगी। परिवार में होने वाले विवाद सुलझ जाएंगे।
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