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सीबीआई ने नगर निगम के अमले से सात घंटे तक किए तीखे सवाल

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जम्मू। नगर निगम कार्यालय में सीबीआई की टीम ने सुबह 11 बजे छापे की कार्रवाई शुरू की। बिल्डिंग परमिशन, परिवहन विभाग और जन्म-मृत्यु पंजीकरण विभाग में अफसरों और कर्मचारियों से साढ़े 11 बजे शुरू हुई पूछताछ शाम सात बजे तक चलती रही। इस साढ़े 7 घंटे के दौरान सीबीआई टीम ने तीखे सवाल किए, जिनके जवाब देते समय ज्यादातर मुलाजिम बगलें झांकते नजर आए। इन विभागों में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार की शिकायतें हैं। सीबीआई टीम को दफ्तर में देख मुलाजिमों में भी हड़कंप मचा रहा। टीम के अंदर जाते ही नगर निगम के प्रवेश द्वार पर पुलिस तैनात कर दी गई। किसी को अंदर जाने नहीं दिया गया। कड़ी पूछताछ के बाद तीनों विभागों का रिकॉर्ड जब्त कर लिया गया।
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सबसे पहले 11:30 बजे सीबीआई टीम जन्म मृत्यु पंजीकरण विभाग में पहुंची। इस दौरान काम कर रहे कर्मचारियों से रिकॉर्ड तलब किया। बताया जा रहा है कि यहां पर बीते पांच माह से प्रमाण पत्रों का पैसा ही जमा नहीं हुआ है। इसकी शिकायत सीबीआई से की गई थी। रिकॉर्ड को फोटो स्टेट करवाया और उसकी प्रतियां टीम अपने साथ ले गई। यहां पर दो घंटे तक कड़ी पूछताछ की गई है। लेखा अधिकारी से भी घंटों काम के संबंध में पूछा गया। साथ ही व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली गई।
दोपहर एक बजे बिल्डिंग परमिशन कार्यालय में रिकॉर्ड और पूछताछ का क्रम शुरू हुआ। यहां से भी फ्लैट आवंटन से लेकर भवन निर्माण अनुमति संबंधी दस्तावेज जब्त किए गए और पूछताछ की गई।
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दोपहर दो बजे के बाद मुख्य परिवहन अधिकारी के कार्यालय में टीम पहुंची। यहां से साल 2014 से लेकर अब तक का तेल का विवरण मांगा गया। तेल की खपत का रिकॉर्ड लिया गया। तमाम सवालों के बाद रिकार्ड की फोटो कापी सीबीआई ने ली है। वहीं, नाला गैंग के बारे भी पूछा गया है। काम समाप्त होने के बाद अधिकारियों से शाम सात बजे तक पूछताछ चलती रही। नाला गैंग के कर्मचारी एक वार्ड में सेवाएं देने के बाद दूसरे वार्ड में सेवाएं देते हैं। इस कारण एक दिन की दिहाड़ी दूसरे कर्मचारी की निकल रही है। सीबीआई टीम के सवालाें का नगर निगम की आयुक्त, मुख्य लेखा अधिकारी, सीटीओ, योजनागार समेत अन्य अधिकारी जवाब देते रहे।
नगर निगम के अब सुर्खियों में रहे घोटाले
नगर निगम के वाहनों में तेल खर्च में गड़बड़ी सामने आई है। 80 लाख रुपये के तेल की खपत दर्शाई गई है जबकि खर्च केवल 40 लाख तक बताया जा रहा है। ऑटो सेवाओं में भी धांधली है। किराये पर आटो को चालीस हजार देने की बात हुई, लेकिन उन्हें 28 हजार ही मिल रहा है। प्रति ऑटो 12 हजार रुपये का हिसाब नहीं है। इस मामलेे में जनरल हाउस में भी हंगामा हो चुका है। जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र की राशि लंबे समय से जमा न होने और दिहाड़ी घोटाले भी हाउस में उठाए जा चुके हैं।
हाउसिंग कमेटी चेयरमैन बोले पूर्व के कार्यकाल में हुए घोटाले
हाउसिंग कमेटी के चेयरमैन राजेंद्र शर्मा ने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार को सहन नहीं करेगी। किसी को नहीं बख्शा जाएगा। जम्मू नगर निगम भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया था। भवन अनुमति का मसला हो या फिर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की फीस का घोटाला। मुख्य परिवहन अधिकारी कार्यालय में पूर्व अधिकारी के जाने के बाद चालीस लाख रुपये का तेल का खर्च कम हुआ है। इससे साफ है कि तेल में घोटाला हुआ है। ऑटो किराये की राशि में भी गड़बड़ी है। भवन अनुमति में जिस फाइल पर दो हस्ताक्षर होते थे, उसे पास किया जाता था मगर ऐसा नहीं हो रहा। सीबीआई को निष्पक्ष जांच करनी होगी। 16 जून को इस मामले पर पूर्व एलजी ने जांच बैठाने के आदेश दिए थे। अब सीबीआई जांच चल रही है।
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