जम्मू। सरकार की ओर से व्यापार और उद्योग क्षेत्र को राहत देने के लिए बनाई गई उच्च स्तरीय समिति के बाद जमीनी स्तर पर नुकसान का आकलन और भरपाई के लिए कवायद तेज हो गई है। इस कड़ी में शनिवार शाम चार बजे उद्योग भवन जम्मू में व्यापारी और कारोबारी संगठनों के प्रतिनिधि उपराज्यपाल के सलाहकार केके शर्मा से मुलाकात करेंगे। इसमें सलाहकार को नुकसान का ब्योरा देने के साथ राहत देने के लिए सुझाव दिए जाएंगे। इससे पहले विभिन्न व्यापारी संगठनों ने संयुक्त बैठक में मसौदा तैयार किया है।
ट्रेडर्स फेडरेशन वेयर हाउस नेहरू मार्केट के महासचिव दीपक गुप्ता ने बताया कि सलाहकार को संभाग में व्यापारियों और कारोबारियों को हुए नुकसान के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ उन्हें कई सुझाव भी दिए जाएंगे जिस पर सरकार तत्काल कदम उठाकर व्यापारियों को राहत प्रदान करे। कोविड और अन्य परिस्थितियों के कारण जम्मू संभाग का व्यापार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इसमें होलसेल और रिटेल दोनों वर्ग शामिल हैं। सलाहकार से मिलने वाले शिष्टमंडल में वेयर हाउस फेडरेशन के प्रधान रतन लाल गुप्ता, महासचिव दीपक, कलाथ मर्चेंट से विनय गुप्ता, यशपाल गुप्ता, कनक मंडी से अनूप मित्तल, रघुनाथ मंदिर से सुरेंद्र महाजन शामिल होंगे।
यह हैं प्रमुख मांगें
कोविड लॉकडाउन अवधि के दौरान बैंक व निजी फाइनेंस के ब्याज, बिजली के बिलों को माफ करने, लॉकडाउन की अवधि में होलसेल और रिटेल दो वर्ग बनाकर वित्तीय राहत देना, इसमें रिटेल को प्रति माह 25,000 से 1 लाख और होलसेल को 1 लाख से 2.50 लाख रुपये देने, किराये की दुकानों का किराया माफ करना, जीएसटी और अन्य रिटर्न भरने में देरी पर लगे जुर्माने को माफ करना आदि मांगें शामिल हैं।
जम्मू कश्मीर में व्यापार क्षेत्र को पुनर्जीवित करने की कोशिश: सलाहकार
जम्मू। उपराज्यपाल के सलाहकार केके शर्मा ने कहा कि जम्मू कश्मीर में व्यापार क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के तरीकों को तलाशने के लिए सरकार उचित कदम उठा रही है। इसके लिए व्यापारिक संगठनों की राय ली जा रही है। शर्मा शुक्रवार को सेल्स टैक्स कांप्लेक्स श्रीनगर में व्यापार, उद्योगों व वाणिज्य के शिष्टमंडलों से चर्चा में बोल रहे थे। सलाहकार की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी प्रदेश में व्यापार क्षेत्र के पुनरुद्धार के प्रस्तावों को तैयार करने पर काम कर रही है। बैठक में जोर दिया गया है कि प्रदेश के सभी जिलों में आत्म निर्भर भारत योजना के लिए जागरूकता को बढ़ावा दिया जाएगा। समिति के सदस्यों ने शिष्टमंडलों की मांग पर जीएसटी रिएंबर्समेंट से औद्योगिक इकाइयों को लाभ देने का आश्वासन दिया। विभिन्न औद्योगिक एसोसिएशन ने बिजली के बिल, श्रण ब्याज माफ करने के साथ हैंडीक्राफ्ट और कारीगरों के मुद्दों को उठाया। इसके अलावा अन्य शिष्टमंडलों ने भी अपनी मांगें रखीं। ब्यूरो