यह पूछे जाने पर कि लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने से रक्षा के परिप्रेक्ष्य से कैसे चीजें बदलेंगी? इस पर नामग्याल ने कहा कि क्षेत्र को अब अपने हक के अनुसार महत्व मिलेगा। तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा घोषित की गई पुनर्वास परियोजना के क्रियान्वयन से सीमावर्ती गांवों से पलायन खत्म होगा।
-कश्मीर पर कांग्रेस ने कभी सख्ती नहीं अपनाई
उन्होंने कहा, जब नरेंद्र मोदी सरकार के नेतृत्व में इन इलाकों में सड़कें, स्कूल और अस्पताल समेत शहर जैसी सुविधाएं मुहैया करायी जाएंगी तो सीमाएं सुरक्षित बन जाएंगी। नामग्याल ने कहा कि कांग्रेस ने कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में ले जाकर गलती की थी। दूसरा जब भी कश्मीर में हालात बिगड़े तो कांग्रेस ने तुष्टीकरण की नीति अपनायी। वह कभी सख्ती से समस्याओं से नहीं निपटी।
-राहुल जैसा व्यक्ति कुर्सी के लिए कुछ भी कर सकता है
लद्दाख के सांसद ने अनुच्छेद 370 के लगभग सभी प्रावधानों को हटाने के बाद कश्मीर में स्थिति पर केंद्र पर हमला करने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि उनके जैसा व्यक्ति अपनी कुर्सी बचाने के लिए कुछ भी कह सकता है।
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-कश्मीर के साथ रहने से बहुत नुकसान हुआ
कश्मीर के साथ रहने से लद्दाख को हुए नुकसान का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, हमारे पास यहां एक डिग्री कॉलेज है जो कश्मीर विश्वविद्यालय के तहत आता है। अगर किसी नाम में गलती भी होती है तो छात्र को इसे सही कराने के लिए श्रीनगर जाना पड़ता है। अगर कश्मीर में दिक्कत है तो लद्दाखी छात्र को तीन साल का पाठ्यक्रम पूरा करने में पांच साल लग जाते हैं। उन्होंने कहा कि अगर लद्दाख के किसी सरकारी अधिकारी का तबादला या पदोन्नति किसी कारण से अटकी होती है तो अपनी फाइल को आगे बढ़ाने का अनुरोध करने के लिए श्रीनगर या जम्मू जाना पड़ता था। उन्होंने आरोप लगाया कि बौद्ध भाषा के लिए शिक्षकों के पदों को कश्मीरी भाषा के शिक्षकों के पदों में परिवर्तित कर दिया गया।
-एलएएचडीसी का अस्तित्व बना रहेगा
लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (एलएएचडीसी)के भविष्य पर नामग्याल ने कहा, गृह मंत्री ने संसद में स्वयं आश्वासन दिया है कि एलएएचडीसी बकरार रहेगी। लोगों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
-निवेश से पैदा होगा रोजगार
स्थानीय लोगों की इन आशंकाओं पर कि बाहरी लोग जमीन खरीदेंगे और लद्दाख के पयाज़्वरण को बर्बाद कर देंगे, सांसद ने लोगों को आश्वासन दिया कि ऐसी कोई चीज नहीं होगी। नामग्याल ने कहा कि लोगों को यह समझने की जरूरत है कि लद्दाख में कई सेक्टर ऐसे हैं जिनकी संभावनाओं को अभी तक तलाशा नहीं गया है और वहां निवेश से रोजगार पैदा होगा। उन्होंने केंद्र से लद्दाख की भूमि,संस्कृति और पहचान की रक्षा करने के लिए संविधान की छठी अनुसूची के तहत उसे एक आदिवासी क्षेत्र घोषित करने का अनुरोध किया।