पंजाब के तरनतारन में सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार पहुंचाने की घटना के बाद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर निगरानी बढ़ा दी है।
बीएसएफ ने घटना से सबक लेते हुए अपने सुरक्षा तंत्र में सीमा से सटे गांवों के ग्रामीण और बच्चों को भी शामिल कर लिया है। इसके लिए बॉर्डर पर रहने वाले ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को ड्रोन के बारे में जागरूक करने का मुहिम शुरू कर दी गई है।
बुधवार को अखनूर के ललियाल कैंप, गजनसू और चकराली इलाके से इसकी शुरूआत की गई है। इस क्षेत्र के ग्रामीणों और स्कूल के बच्चों को बीएसएफ की 89 बटालियन की ओर से ड्रोन के बारे में जानकारी दी गई।
इस अभियान को भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पूरे 180 किलोमीटर तक चलाया जाएगा। बीएसएफ की तकनीकी टीम के जवानों ने हवा में ड्रोन को उड़ाकर बताया कि किस तरह से इसके मूवमेंट पर नजर रखनी है।
यदि कोई ड्रोन उड़ता हुआ दिखे तो इसके बारे में जानकारी देने में देरी न की जाए। ड्रोन के साथ कोई संदिग्ध वस्तु बंधी हुई दिखे तो इसके बारे या तो पास की बीएसएफ पोस्ट या फिर पुलिस को सूचित किया जाना चाहिए।
बीएसएफ का मानना है कि सीमा पर रहने वाले लोगों की यदि बीएसएफ हिफाजत करती है, तो बीएसएफ को भी ग्रामीणों का सहयोग मिलता है। ग्रामीणों और बच्चों की मदद से दुश्मन देश अपने मंसूबे पूरे नहीं कर पाएगा।
सीमावर्ती गांवों के लोगों को दुश्मन देश की हर हरकत से वाकिफ होना चाहिए। दुश्मन देश का जब भी कोई नया पैंतरा सामने आता है, तो लोगों को जागरूक करना जरूरी हो जाता है। पूरे इंटरनेशनल बॉर्डर पर यह अभियान चलाया जा रहा है।
- अखिलेश्वर सिंह, डीआईजी, बीएसएफ