सेफ स्कूल वाहन स्कीम के तहत स्कूली विद्यार्थियों के लिए विभिन्न शिक्षा संस्थाओं द्वारा चलाई जा रहीं बसों, कैब्स तथा अन्य वाहनों का निर्धारित मानकों के अनुसार संचालन हो रहा है या नहीं, इसके लिए वीरवार को इसकी समीक्षा की गई। अधिकारियों की मौजूदगी में की गई समीक्षा बैठक में कहा गया कि यदि किसी हादसे में बच्चे हताहत होते हैं तो इसके लिए स्कूल प्रबंधन ही पूरी तरह जिम्मेदार माना जाएगा।
बैठक में सेफ स्कूल वाहन के लिए सुझाव भी दिए गए। इस मौके पर पंजाब तथा हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशानुसार तथा पंजाब सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों को लागू करने पर जोर दिया गया। एसडीएम गुरदासपुर मनमोहन सिंह कंग और जिला परिवहन अधिकारी डा.जेएस ग्रेवाल के नेतृत्व में स्थानीय एसडीएम में हुई बैठक में कहा गया कि प्राइवेट स्कूल प्रबंधन की ओर सेचलाई जा रही स्कूल बसों में निर्धारित पीले रंग लगाना जरूरी है। इस मामले में कार्रवाई की प्रगति के लिए गठित कमेटी से जायजा लिया गया।
उन्होंने कहा कि स्कूल बस चालक की निर्धारित रंग की वर्दी, ड्राइविंग लाइसेंस तथा अन्य निर्धारित मापदंड पूरे होना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। स्कूल मैनेजमैंट यह भी सुनिश्चित करेगी कि जो बसें छात्राओं को लेकर आती-जाती हैं, उनमें स्कूल मैनेजमैंट द्वारा महिला अटैडैंट को साथ भेजना जरूरी होगा। यदि किसी दुर्घटना में किसी बच्चे का कोई नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी स्कूल मुखी व संस्था के मालिक की होगी।
इस अवसर पर जिला परिवहन अधिकारी डा.जेएस ग्रेवाल ने बताया कि जिला के प्राइवेट स्कूलों द्वारा 718 स्कूल बसें चलाई जा रही हैं। इस अवसर पर एसपी ट्रैफिक परहलाद सिंह अठवाल, जिला शिक्षा अधिकारी अमरबीर सिंह सैनी भी उपस्थित थे।