मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने वीरवार को जम्मू में उच्च स्तरीय बैठक में संभाग के सरहदी इलाकों में पाकिस्तान की गोलाबारी से उत्पन्न हालात की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने मंडल और जिला प्रशासन को हिदायत दी कि वह राहत शिविरों में सभी बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करें। उन्होंने तीन जिलों में बंद स्कूलों की जानकारी भी ली।
फसल कटाई के सीजन में सीमावर्ती इलाकों के लोगों को पेश आ रही समस्याओं पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वह इन सब मुद्दों को देखें और मामले में लोगों को सहयोग करें।
राहत काम तेजी से करने के निर्देश
सीएम महबूबा मुफ्ती
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बैठक में मुख्यमंत्री ने राहत वितरण का काम भी तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री को बताया गया कि घरेलू मवेशियों के नुकसान पर राहत मुहैया करवाई जा रही है। इसके लिए पशुपालन विभाग ने टीम का गठन भी किया हुआ है।
सामुदायिक और व्यक्तिगत बंकरों के निर्माण और जन सुरक्षा के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि तनावपूर्ण हालात के बीच ग्रामीण सबसे ज्यादा मुसीबत झेलते हैं। उन्हें सरकार की आस है जिसे पूरी गंभीरता से समझते हुए प्रशासनिक अमला अपने काम में जुट जाए।
मुख्यसचिव बीआर शर्मा, वित्त आयुक्त योजना बीबी व्यास, सेना की 16वीं कोर के जीओसी ले. जनरल एके शर्मा, मंडलायुक्त जम्मू डॉ. पवन कोतवाल, पुलिस महानिरीक्षक दानिश राणा और बीएसएफ व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों व जम्मू, सांबा और कठुआ के जिला उपायुक्तों की मौजूदगी में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने क्रास बार्डर फायरिंग से प्रभावित लोगों के लिए प्रशासनिक बंदोबस्त की जानकारी ली।