बाढ़ आपदा की चपेट में आए जम्मू कश्मीर में इसी साल विधानसभा चुनाव कराए जाने की मांग के बीच चुनाव आयोग शनिवार को राज्य के हालात की जानकारी लेने जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत और दो अन्य चुनाव आयुक्त एचएस ब्रह्मा और नसीम जैदी का दल श्रीनगर का दौरा करेगा। यह दौरा डीईसी विनोद जुत्शी के पिछले हफ्ते के दौरे के बाद पेश किए गए आकलन के चलते हो रहा है।
श्रीनगर और घाटी के कई इलाकों में बाढ़ से हुई तबाही के चलते आयोग को यह फैसला लेना है कि चुनाव कब कराए जाएं। जम्मू कश्मीर विधानसभा का छह साल का कार्यकाल अगले साल 19 जनवरी को खत्म हो रहा है और चुनाव प्रक्रिया इससे पहले पूरी हो जानी चाहिए। साथ ही केंद्र सरकार भी चुनाव निर्धारित समय पर कराए जाने के पक्ष में है।
उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि आयोग श्रीनगर के दौरे पर नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेस, पीडीपी और भाजपा समेत अन्य राजनीतिक दलों से चर्चा करेगा और उनसे चुनाव कराने के कार्यक्रम पर उनकी राय लेगा।
प्रदेश में सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस निर्धारित वक्त पर चुनाव कराए जाने का विरोध कर रही है और प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का कहना है कि राज्य के लोग अपने जिंदगी को पटरी में लाने की जद्दोजहद कर रहे हैं, ऐसे चुनाव कराने का कोई तुक नहीं बनता है।
हालांकि उसकी सहयोगी पार्टी कांग्रेस, मुख्य विपक्षी दल पीडीपी और भाजपा निर्धारित वक्त पर ही चुनाव कराए जाने के पक्ष में हैं।