राजोरी में राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा ली जा रही दसवीं कक्षा की प्राइवेट परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल करवाने का मामला सामने आने पर जिला प्रशासन ने कड़ा संज्ञान लेते हुए परीक्षा केंद्र के पूरे स्टाफ को हटा कर नया स्टाफ लगा दिया है। जानकारी के मुताबिक जिले की थन्नामंडी तहसील के पलांगड़ क्षेत्र के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा केंद्र बनाया गया था।
22 जून को शुरू हुई परीक्षा के पहले दो पेपरों में बड़े पैमाने पर विद्यार्थियों द्वारा नकल करने की शिकायतें मिलने लगीं। कुछ लोगों ने जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के सीईओ को शिकायत कर बताया कि परीक्षा में लगाया गया स्टाफ स्वयं विद्यार्थियों को नकल करने में मदद कर रहा है। कुछ विद्यार्थी तो पूरी पुस्तक व अन्य सामग्री परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाते हैं और बिना किसी डर या संकोच के नकल करते हैं।
शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर जांच करवाई तो पाया कि सही परीक्षा में खुलेआम नकल करवाई जा रही है। इस प्रकार से नकल करने में छूट देने व विद्यार्थियों की मदद करने का कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने परीक्षा केंद्र के पूरे स्टाफ को हटा दिया है। राजोरी अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (एडीसी) मुमताज चौधरी ने बताया कि परीक्षा में नकल करवा कर विद्यार्थियों के भविष्य के साथ धोखा किया जा रहा था।
इसे लेकर जांच में सच सामने आने पर परीक्षा केंद्र के स्टाफ को तबादला कर नया स्टाफ लगा दिया गया है। इसके अलावा परीक्षा केंद्र के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब देने के निर्देश भी दिए गए हैं। गौरतलब है कि राजोरी-पुंछ सीमावर्ती जिलों के दूरदराज के क्षेत्रों में बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में नकल के मामले अक्सर सामने आते रहे हैं।
कुछ माह पहले 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं में पुंछ जिले के मेंढर, राजोरी जिले के बुद्धल, थन्नामंडी मंजाकोट और दरहाल में स्थापित परीक्षा केंद्रों में भी बड़े पैमाने पर नकल के मामले सामने आए थे। इन परीक्षाओं में पुलिस की मदद से भारी मात्रा में नकल सामग्री जब्त भी की गई थी और सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ केस बनाए गए थे।