चिकित्सा विभाग की तरफ से सीएचसी ज्यौड़ियां को जल्द नवनिर्मित भवन में शिफ्ट किया जाएगा है। इसकी तैयारी चिकित्सा विभाग की तरफ से पूरी तरह से कर ली गई हैं। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि नए भवन के निर्माण को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। अगर वह आड़े नहीं आई तो आने वाले कुछ दिनों में मरीजों का इलाज यहां शुरू हो जाएगा।
बता दें कि सीएचसी ज्यौड़ियां का भवन पूरी तरह जर्जर हो गया है। लोकनिर्माण विभाग की ओर से पुरानी इमारत को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। क्षेत्र के लोगों की भी मांग थी कि भवन को जल्द शिफ्ट किया जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित इलाज मिल सके। क्योंकि यहां आने वाले मरीजों को हमेशा हादसे का अंदेशा बना रहता है।
वहीं सीएचसी ज्यौड़ियां की निर्माणाधीन इमारत पर रोक लगाने के लिए जनहित याचिका भी दायर करवाई गई है। यह याचिका प्रेस कोर काउंसिल की तरफ से दायर की है। याचिकाकर्ता इंदु भूषण बाली ने अपनी याचिका में सेना और जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के निर्देशों के उल्लंघन होने का दावा किया था। उनका कहना था की यह भवन सैन्य दीवार के 100 मीटर के भीतर बनाई गयी है और दो मंज़िला बनाई गयी है जो पूर्ण तरीके से सैन्य और राष्ट्र की सुरक्षा को खतरा पैदा करती है।
इंदु भूषण बाली ने डिफेंस एक्ट 1903, 2011 और 2016 जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के निर्देश के उल्लंघन का हवाला देते हुए इमारत पर तुरंत रोक की मांग की थी। मामला अभी भी हाईकोर्ट में है। शुक्रवार को प्रेस कोर काउंसिल के संरक्षक इंदु भूषण बाली ने बताया कि सीएचसी ज्यौड़ियां की नवनिर्मित इमारत राष्ट्रीय हितों का उल्लंघन कर बनाई गई है। यह संविधान की भी अनदेखी है। अगर संविधान का उल्लंघन कर इमारत में सीएचसी की स्थापना की गई तो वह चिकित्सालय ज्यौड़ियां के निर्माणाधीन भवन के गेट के बाहर चिता जला कर आत्मदाह करेंगे, जिसके जिम्मेदार बीएमओ अखनूर और अन्य संबंधित अधिकारी होंगे।
वहीं सीएचसी को नए भवन में शिफ्ट करने की तैयारियों के बाबत बीएमओ अखनूर डॉ. मो. सलीम ने बताया कि इमारत को जल्द शिफ्ट करने की योजना है। पुरानी इमारत की हालत जर्जर है।