पुलवामा में भूमि अधिग्रहण के लिए आए फंड में 22 करोड़ का घोटाला करने के मामले में स्टेट विजिलेंस आर्गनाइजेशन ने 14 बैंक कर्मियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की है।
विजिलेंस प्रवक्ता के अनुसार 14 बैंक कर्मियों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 173 के तहत भ्रष्टाचार निरोधक विशेष जज हक नवाज जरगर की अदालत में चार्जशीट पेश की गई।
इस तरह घोटाले में आरोपी तमाम लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश हो चुकी है। 22 करोड़ के घोटाले में विजिलेंस ने इसी साल 28 अप्रैल को 60 लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी, जिसमें सरकारी अफसर भी शामिल थे।
इस मामले में अवंतीपोरा पुलिस थाने में पांच अक्तूबर, 2010 को मामला दर्ज किया गया था। बाद में मामले की जांच विजिलेंस को सौंपी गई थी। विजिलेंस ने जांच के दौरान 75 लोगों पर आरोप तय किए थे।
कलेक्टर के नास से खोला था अकाउंट
इनमें पुलवामा के तत्कालीन कलेक्टर भूमि अधिग्रहण/एडीसी पुलवामा और जेएंडके बैंक अवंतीपोरा और लेथपोरा के अफसर शामिल हैं।
जांच में पता चला कि कलेक्टर आदिल रशिद नकाश, पुलवामा डीसी कार्यालय में तैनात एलएसी परवेज अंद्राबी, जेएंडके बैंक अवंतीपोरा और लेथपोरा के कई अफसर, फारूक जहांजेब उर्फ रिंकू, शौकत अहमद डार और अन्य लोगों ने एक षड्यंत्र रच जेएंडके बैंक में अवैध रूप से कलेक्टर के नाम खोले गए अकाउंट में से 22,11,89,400 रुपये की धोखाधड़ी की।
तमाम लोगों को मामले की पूरी जानकारी थी और 18 माह के अंदर उक्त राशि घोटाले से निकाली गई। फर्जी अथारिटी लेटर के आधार पर तमाम लोगों के अकाउंट में राशि स्थानांतरित की गई।
घोटाले से निकाली गई राशि अचल संपत्ति खरीदने में उपयोग की गई। जांच पूरी करने के बाद विजिलेंस ने 2000 पेज का चालान भ्रष्टाचार निरोधक विशेष जज की अदालत में पेश किया।