मंदिरों के शहर में पिछले दो माह में झपटमारी, धोखाधड़ी और चेन स्नैचिंग की वारदातों में इजाफा हुआ है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में गिरोह के सदस्य सक्रिय हो गए हैं, जिनकी ओर से महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाया जा रहा है।
ऐसा माना जा रहा है कि लुटेरों के लिए महिलाएं और बुजुर्ग आसान शिकार हैं और आरोपी घटना को अंजाम देकर मौके से फरार होने में आसानी महसूस करते हैं। शहर के अलग-अलग थानों में ऐसे कई मामले में दर्ज हैं, जो कि इसके ताजा सबूत हैं और अभी तक अधिकतर मामले अनसुलझे हैं।
शहर में आपराधिक घटनाओं का ग्राफ बढ़ने लगा है, जिस कारण दिन के समय में भी महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। सर्दी के कारण अंधेरा जल्द हो जाने के कारण महिलाओं में जल्द से जल्द घर पहुंचने की होड़ रहती है। ये अधिकतर मेटाडोर या पैदल ही चलने वाली होती हैं।
ऐसे में यह सबसे जोखिम भरा भी हो सकता है। ऐसे हालातों में देर शाम के बाद महिलाओं का शहर में पैदल गुजरना मुश्किल बना हुआ है। ऐसे में छेड़छाड़ और बलात्कार जैसी घटनाओं के होने की आशंकाएं भी रहती हैं। इलाकों के संबंधित थानों में इन मामलों में एफआईआर दर्ज करवाई गई है, जिनमें से अधिकतर मामले अभी तक अनसुलझे हैं।