केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर में स्थित 202 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक दूसरा रक्षा घेरा बनाने की योजना बना रहा है क्योंकि कई आतंकवादी सांबा और कठुआ में भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करके पड़ोसी क्षेत्रों में आतंक फैला चुके हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि गत मार्च में सांबा में एक पुलिस थाने और एक सैन्य शिविर पर आतंकवादी हमले के बाद गृह मंत्रालय और राज्य के अधिकारियों के एक उच्च स्तरीय दल ने सांबा से अखनूर तक स्थित पूरी अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा किया। अखनूर से आगे नियंत्रण रेखा कश्मीर क्षेत्र में कुपवाड़ा तक स्थित है।
टीमों ने गौर किया कि सीमा सुरक्षा बल सीमा पर स्थित है लेकिन उसे सुरक्षा के दूसरे घेरे के रूप में पुलिस या सेना का उचित समर्थन हासिल नहीं है। सेना की योल स्थित नौवीं कोर के कुछ शिविर उस क्षेत्र में स्थित हैं लेकिन उनका इस्तेमाल मुख्य तौर पर प्रशिक्षण उद्देश्यों के लिए होता है। इसलिए वे आतंकवादी हमलों का मुकाबला करने के लिए तैयार नहीं होते।
सूत्रों ने बताया कि राज्य को अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे लाइन भी सांबा से होकर गुजरती है इसलिए यह निर्णय किया गया कि पूरी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा का दूसरा घेरा बनाया जाए।
सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा के इस दूसरे घेरे में सुरक्षाकर्मी अर्धसैनिक बलों के साथ ही राज्य पुलिस से लिये जाएंगे और ये बीएसएफ के लिए समर्थन मुहैया कराएंगे।