पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने दिए निर्देश
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पहचान पत्र के बाद अब वेस्ट पाक रिफ्यूजियों को जाति प्रमाणपत्र भी जारी होगा। केंद्र सरकार ने सरकारी नौकरियों तथा योजनाओं का लाभ उठाने के लिए इसके निर्देश दिए हैं। पहचान पत्र पर कई दिनों तक सियासत गरमाई रही। अलगाववादियों ने घाटी में बंद भी रखा। अब जाति पहचान पत्र पर भी हंगामा मचना तय माना जा रहा है।
गृह मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी ज्ञानेश कुमार की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि वेस्ट पाक रिफ्यूजियों को केंद्र सरकार की नौकरियों तथा योजनाओं का लाभ लेने के लिए कैटेगरी सर्टिफिकेट जारी किया जाए। उन्हें अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), एएलसी आदि संवर्ग के सर्टिफिकेट जारी किए जाएं।
रियासत के मुख्य सचिव बीआर शर्मा को पत्र भेजते हुए उन्होंने यह भी कहा है कि किसी अधिकारी को इसके लिए नामित करें, ताकि किसी भी परेशानी की स्थिति में वेस्ट पाक रिफ्यूजी उनसे संपर्क कर सकें। इनका फोन नंबर तथा अन्य जानकारियां गृह मंत्रालय को भेजी जाए।
प्रशासन ने कार्रवाई के लिए उपायुक्त को भेजा पत्र
प्रशासन ने कार्रवाई के लिए उपायुक्त को भेजा पत्र
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केंद्र के निर्देश के बाद डिवकाम प्रशासन ने प्रमाणपत्र जारी करने की हिदायत दी है। एडिशनल कमिश्नर जम्मू की ओर से जम्मू, सांबा, कठुआ, रियासी, रामबन, डोडा, किश्तवाड़, राजोरी, पुंछ तथा उधमपुर के डीसी को पत्र भेजकर जाति प्रमाणपत्र जारी करने को कहा गया है।
साथ ही यह भी कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्थिति में वेस्ट पाक रिफ्यूजियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजी एक्शन कमेटी 1947 के अध्यक्ष लब्बा राम गांधी का कहना है कि केंद्र सरकार ने रिफ्यूजियों को जाति प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं।
इससे बच्चों को नौकरियां मिलने में आसानी रहेगी। हालांकि, अभी प्रशासन की ओर से प्रमाणपत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं।
घाटी में रहा है जबर्दस्त विरोध
घाटी में हिंसक प्रदर्शन
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वेस्ट पाक रिफ्यूजियों को पहचान पत्र दिए जाने का घाटी में जबर्दस्त विरोध रहा है। इस मुद्दे पर हिंसक प्रदर्शन भी हो चुके हैं। नेकां के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला भी आपत्ति जता चुके हैं।
उनका कहना था कि वेस्ट पाक रिफ्यूजियों को डोमिसाइल सर्टिफिकेट किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिफ्यूजियों को चाहे जो सुविधाएं दी जाएं लेकिन रियासत के कानून से छेड़छाड़ नहीं होना चाहिए।