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जानिए, केंद्र की मदद पर क्या बोले मुख्यमंत्री उमर

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन ने कहा कि घाटी में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए केंद्र की ओर से हर संभव मदद दी जा रही है। केंद्र से रियासत के लिए पचास लाख क्लोरीन की टेबलेट के साथ मोबाइल प्यूरीफिकेशन प्लांट स्थापित करके लोगों तक साफ पानी पहुंचाया जा रहा है।
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इसके अलावा वैक्सीन प्रोग्राम को दोबारा शुरू करने के लिए उचित प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात में स्वास्थ्य मंत्री ने भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोई ढील नहीं बरती जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला अस्पतालों तक इमरजेंसी दवाइयों की खेप की कमी नहीं आनी चाहिए। इसके लिए सभी सप्लाई को बहाल किया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लोगों तक पानी को साफ करने की तकनीक के बारे में जागरूक किया गया। इसके अलावा बीमारियों के बचाव के बारे में जानकारी ज्यादा फैलाई जाए। एक या दो क्लोरीन टेबलेट से बीस लीटर पानी को साफ किया जा सकता है। केंद्र की ओर से दवाइयों के साथ डाक्टरों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की भी मदद दी जाएगी।
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300 पैरामेडिकल स्टाफ की तत्काल जरूरत

स्वास्थ्य निदेशक कश्मीर डा. सलीम-उर-रहमान का कहना है कि बाढ़ पीड़ितों तक शीघ्र चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए केंद्र से तत्काल 300 पैरामेडिकल कर्मियों की जरूरत है। ऐसे कर्मियों से दवाइयां और अन्य दूसरी सप्लाई को पीड़ितों तक पहुंचाया जाएगा। स्वास्थ्य महकमा युद्धस्तर पर चिकित्सा सुविधाओं को बहाल करने पर काम कर रहा है। लेकिन बाढ़ से जमीनी स्तर पर कई मुश्किलें भी आ रही हैं। पानी में बड़ी संख्या में जानवर मरे पड़े हैं। जिससे बीमारियां पनपने का ज्यादा खतरा है।

श्रीनगर भेजे गए 636 फिल्ट्रेशन यूनिट
बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट आफ इंटिग्रेटिव मेडिसिन जम्मू (आईआईआईएम) की ओर से रविवार को दवाइयों की पहली खेप भेजी गई। इसमें दर्द निवारक, खांसी, एंटीबायोटिक शामिल हैं। इसके साथ ही 636 वाटर फिल्ट्रेशन यूनिट भी श्रीनगर रवाना किए गए।

आईआईआईएम के सभागार में भारत सरकार के विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय के सहयोग से आयोजित एक कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डा. राम विश्वकर्मा यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान के श्रीनगर कार्यालय में कम से कम 150 लोग हैं जिनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। आपदा बहुत बड़ी है और सब मिलकर इससे निपटेंगे।
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