शुक्रवार रात कश्मीर के कठुआ और सांबा सेक्टर के 10 से 15 पोस्ट को निशान बनाकर पाक सेना ने फायरिंग की है। बीएसएफ की ओरसे पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का माकूल जबाव दिया गया है। बीएसएफ की जवाबी फायरिंग में 5 पाकिस्तानी रेंजर मारे गए हैं।
जम्म कश्मीर पुलिस के हवाले से पाक की ओर से की जा ही भारी गोलाबारी में एक दर्जन से अधिक स्थानीय लोग भी घायल हुए हैं। वहीं कठुआ और हीरानगर में सीमा से सटे गावों में भारी नुकसान की खबर है। लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया और घोषणा की कि लोग घरों के अंदर ही रहें। लोगों से बंकरों में शरण लेने को भी कहा गया।
बीएसएफ सूत्रों ने बताया कि उन्हें रिपोर्ट मिली है कि रात 9.30 बजे के बाद दो पाकिस्तानी रेंजर्स के मारे जाने के साथ ही गुरुवार से दोनों ओर से हो रही गोलीबारी में 5 रेंजर्स मारे गए हैं। पिछले 4 दिनों में संघर्ष विराम उल्लंघन की चौथी घटना है जबकि पिछले नौ दिनों में 8वीं घटना है।
बीएसएफ महानिदेशक डीके पाठक ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को रात 10 बजे बताया कि बल ने सीमा पार से शुक्रवार रात घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश नाकाम कर दी और उसके जवान हाईअलर्ट पर हैं।
सीमा से सटे 57 गांवों में हाईअलर्ट
पाक फायरिंग में सुरेश सिंह(30) नाउचक, मनसु(10), रजनी(30) मधुबाला घायल हुए है ये तीनों घायल चिलयादीया गांव के रहने वाले हैं। सेना ने हीरानगर में स्थानीय लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरु कर दिया है। वहीं अभी तक लगभग 300 लोगों पुलिस ने शिविरों में सुरक्षित पहुंचाया है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार लगभग एक दर्जन लोगों के घायल होने की खबर है। 5 लोगों को जम्मू जीएमसी में भर्ती करवाया गया है।
आपात स्थिति से निपटने के लिए हीरानगर में एंबुलेंस और चिकित्सक तैनात किए गए हैं। इलाके के हालात के मद्देनजर तीन इमारातों को राहत शिविर का रुप दिया गया है। हालात की निगरानी के लिए और राहत एवं बचाव अभियान में तालमेल के लिए प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी हीरानगर में डेरा डाले हुए हैं।
57 सीमावर्ती गांवों के सभी स्थानीय निकायों और पंचायत अधिकारियों तथा गणमान्य लोगों को टेलीफोन पर लोगों से संपर्क कर सुरक्षा से जुडे संदेश देने को कहा गया है। राहत शिविर भी तैयार रखे गए हैं। बीएसएफ की आठ चौकियों और कठुआ जिले में पट्टी, पांसर, लोंडी, बोबयान, चकारा, लच्छीपुरा के गांवों तथा सांबा जिले में सात चौकियों पर गोलीबारी हुई जिनमें मांगचक, चिलयादीया, रेगल, चाचवल, रामगढ, मालुचाक और नांगा शामिल हैं।
एक सप्ताह में सीजफायर का लेखाजोखा
24 दिसंबर : पाकिस्तानी रेजरों ने कठुआ जिले के हीरानगर की पानसर अग्रिम चौकी को निशाना बनाया।
25 दिसंबर: पाकिस्तानी रेजरों ने हीरानगर सेक्टर में गोलाबारी की।
30 दिसंबर : अखनूर के प्लांवाला में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ का प्रयास। पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी में भारतीय सेना का एक जवान घायल।
31 दिसंबर: सांबा सेक्टर की रगाल पोस्ट पर पाक ने सीमा सुरक्षा बल की पेट्रोलिंग पार्टी को निशाना बनाया, एक जवान शहीद एक घायल।
1 जनवरी : पाकिस्तानी रेंजर्स ने भारत की 16 चौकियों पर गोलाबारी की तीन पाक रेंजर ढेर।
गोलीबारी पर रक्षा मंत्री पर्रिकर गंभीर
दो दिन पहले ही रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा था कि सीमा पर फायरिंग का जवाब दोगुनी ताकत से दिया जाए। रक्षा मंत्री के आदेश के बाद से ही भारत ने जवाबी हमले तेज कर दिए। पाकिस्तानी को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।पाकिस्तान के कई पोस्ट तबाह हो गए।
यहां तक कि पाकिस्तान ने नए साल की पूर्व संध्या पर सफेद झंडा दिखाकर सरेंडर कर दिया था। तब भारत ने भी इसका माकूल जवाब दिया और जवाबी कार्रवाई बंद कर दी। लेकिन पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। 31 दिसंबर की रात तो सीमा पर शांति रही, लेकिन अगले ही दिन फिर से पाकिस्तान नीचता पर उतर आया।