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सीमा पर सैन्य हलचल बढ़ी, बीएसएफ संग सेना ने संभाला मोर्चा, हालात तनावपूर्ण

Wed, 27 Feb 2019 02:15 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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वायुसेना की ओर से मंगलवार को तड़के पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले के बाद से अंतरराष्ट्रीय सीमा तथा एलओसी पर हाई अलर्ट है। सीमावर्ती इलाकों में तनाव है। भारत की ओर से आईबी से सटे इलाकों में सैन्य हलचल भी बढ़ा दी गई है। बीएसएफ के साथ सेना ने भी अंतरराष्ट्रीय सीमा के मोर्चे संभाल लिए हैं। सीमावर्ती इलाकों में ग्रामीण भी सतर्क हो गए हैं। 

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सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से हीरानगर सेक्टर की भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सेना की तैनाती शुरू हो चुकी है। मंगलवार को भारत की ओर से पीओके में की गई कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलाबारी या किसी अन्य तरह की संदिग्ध हलचल को रोकने के लिए सेना पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। 

पीओके में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई के बाद बौखलाया पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी गोलाबारी की फिराक में हैं। सूत्रों के अनुसार हीरानगर सेक्टर के पहाड़पुर से चांदमां पोस्टों के बीच सेना के 12 मराठा रेजीमेंट को तैनात किया गया है तो वहीं चांदमां से आगे की पोस्टों पर 10 सिख रेजीमेंट की तैनाती हो रही है। 
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इसके साथ ही सांबा, कठुआ तथा जम्मू जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जवानों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। जम्मू संभाग में पुंछ व राजोरी जिले तथा घाटी में एलओसी पर भी जवानों को सतर्क किया गया है। बारामुला तथा कुपवाड़ा जिले में दुश्मनों की किसी भी हरकत का माकूल जवाब देने को कहा गया है। 

आर्मी स्कूल रहे बंद सीमावर्ती इलाके के बच्चे स्कूलों से नदारद 
पाकिस्तान पर भारतीय वायुसेना की कार्रवाई के बाद जिला में सैन्य प्रतिष्ठानों के अधीन आने वाले स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। इस दौरान केंद्रीय विद्यालय लखनपुर और आर्मी स्कूल जंगलोट के साथ साथ राइजिंग स्टार आर्मी प्री स्कूल भी बंद रहे। सूत्रों के अनुसार सुरक्षा कारणों की वजह से इन स्कूलों को बंद करवाया गया। 

उधर, जिले के विभिन्न निजी स्कूलों में भी सीमावर्ती स्कूलों से आने वाले विद्यार्थियों की उपस्थिति न के बराबर रही। कई स्कूलों ने तो तनावपूर्ण हालात के बीच सीमावर्ती इलाकों से आए विद्यार्थियों को वापस भेज दिया। अभिभावकों ने भी एहतियातन अपने बच्चे मंगलवार को स्कूलों में नहीं भेजे।

दरअसल, पाकिस्तान की ओर से आईबी पर जब भी गोलाबारी होती है, स्कूली बच्चे बीच रास्ते में फंस जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में वाहनों को आने जाने की अनुमति नहीं दी जाती है। लिहाजा अभिभावकों को निजी वाहनों से बच्चों को घर वापस लाना पड़ता। 

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