जम्मू संभाग में पिछले सप्ताह चार दिन में चार आतंकी हमलों के बाद यहां पहुंचे ऑफ आर्मी स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से कहा है कि जंगलों में छुपकर बैठे आतंकियों को बाहर निकाल कर खत्म करें। दहशतगर्दों को जंगलाें से निकलकर बाहर कोई हरकत करने का मौका न दें। इसमें ध्यान रखें कि अपना कोई नुकसान न हो।
सीडीएस ने सोमवार को उत्तरी कमान मुख्यालय उधमपुर और व्हाइट नाइट कोर का दौरा हाल में हुए आतंकी हमलों को लेकर सुरक्षा पर समीक्षा बैठक की। उन्होंने सेनाओं के सभी विंग के बीच तालमेल, एकजुटता और एकीकरण पर अधिकारियों को संबोधित किया।
सीडीएस ने उत्तरी कमान में संचालन में उनकी व्यावसायिकता और एकजुटता के लिए सेना और वायु सेना के सभी रैंकों की सराहना की। इस दौरान 29 जून से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा की तैयारियों पर भी चर्चा की। उन्होंने सेना के जवानों और अफसरों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया।
जनरल चौहान ने नगरोटा में 16 कोर मुख्यालय में सुरक्षा स्थिति और सुरक्षा बलों की परिचालन तैयारियों की भी समीक्षा की। सेना की उत्तरी कमान के कमांडर और जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) सहित सेना के शीर्ष कमांडरों ने तैयारियों की जानकारी दी। जम्मू क्षेत्र में बढ़ते आतंकवाद से मजबूती से निपटने की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया।
पिछले सप्ताह हो चुके चार आतंकी हमले
बताते चलें कि पिछले सप्ताह चार दिनों के भीतर रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में चार स्थानों पर आतंकी हमले हुए थे। इनमें 9 यात्रियों की मौत और एक सीआरपीएफ जवान बलिदान हो गया था। सात अन्य जवान घायल हुए थे। कठुआ जिले में मुठभेड़ में दो संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए थे। 11 जून को आतंकियों ने भद्रवाह के छत्रगलां में राष्ट्रीय राइफल्स और पुलिस की संयुक्त चौकी पर गोलीबारी की, जबकि 12 जून को डोडा के गंदोह में एक गश्त दल पर हमला किया था। इसमें एक पुलिसकर्मी सहित सात सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे।
दो दिन पहले शाह ने की थी सुरक्षा समीक्षा बैठक
दो दिन पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की थी। इसके बाद सीडीएस का दौरा अहम माना जा रहा है। सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को पूरी ताकत के साथ आतंकियों का सफाया करने के लिए कहा गया है।