सीबीआई ने फर्जी गन लाइसेंस मामले की जांच शुरू कर दी है। सीबीआई की एफआईआर की कॉपी भी विजिलेंस के पास पहुंच गई है। राजस्थान पुलिस की एटीएस के आग्रह पर केस को ट्रांसफर किया गया है। राजस्थान एटीएस ने जम्मू-कश्मीर के आईएएस अधिकारी के भाई को फर्जी गन लाइसेंस घोटाले में पकड़ा था।
चंडीगढ़ स्थित सीबीआई ने रणबीर पिनल कोड (आरपीसी), 3/25 आर्म्स एक्ट, भ्रष्टाचार निरोधक विशेष धाराओं के तहत केस दर्ज किया। राजस्थान पुलिस के महानिदेशेक ओपी गल्होत्रा की सिफारिश पर सीबीआई ने केस दर्ज किया है। नवंबर महीने में इस घोटाले का पर्दाफाश किया गया था।
केस के अनुसार वर्ष 2012 से 2016 तक जम्मू कश्मीर के डोडा, रामबन, उधमपुर जिले से 1 लाख 43 हजार लाइसेंस जारी किए गए। पूरे राज्य से 4 लाख 29 हजार के करीब लाइसेंस जारी हुए। इस मामले में एटीएस ने 52 लोगों को पकड़ा। गुड़गांव से आईएएस अधिकारी के भाई व अन्य लोगों को पकड़ चुकी है। छापे के दौरान 40 लाख रुपये भी जब्त किए गए। सेना, नेवी, एयरफोर्स व अन्य सशस्त्र बलों के जवानों को यह लाइसेंस जारी हुए।
कुपवाड़ा और उधमपुर से भी फर्जी लाइसेंस का भंडाफोड़ राज्य गृह विभाग कर चुका है। सेना को भी पत्र लिखा गया है, फिलहाल उनकी तरफ से कोई रिस्पांस नहीं आया है। जम्मू-कश्मीर विजिलेंस ने भी मामले की जांच शुरू की थी। मामला अन्य राज्यों तक फैला होने के कारण राज्य गृह विभाग ने भी केस को सीबीआई के हवाले करने की सिफारिश की थी। सूत्रों के अनुसार पंजाब, नई दिल्ली, मध्य प्रदेश, हरियाणा आदि राज्यों में रैकेट फैला हुआ है। एटीएस ने छापे के दौरान फर्जी मोहरे, सेना के जवानों के फार्म आदि भी जब्त किए थे।